राजधानी लखनऊ के गोमती नगर क्षेत्र में बैंक कर्मचारी ने अपनी पत्नी और बहन की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या करने के बाद आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, यह घटना बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12:15 बजे गोमती नगर स्थित आईसीआईसीआई बैंक की एक शाखा के बाहर हुई। मृतका की पहचान दिव्या मिश्रा (37) के रूप में हुई है, जो बैंक में ‘रिलेशनशिप मैनेजर’ के पद पर कार्यरत थीं।
पुलिस ने बताया कि दिव्या अपनी कार में थीं, तभी उनके पति मानस मिश्रा ने उन्हें बाहर बुलाया और गोली मार दी। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया। मानस कथित रूप से एक ऑटो रिक्शा में दिव्या का इंतजार कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी मानस और दिव्या के बीच वैवाहिक विवाद था।
अपर पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) अमोल मुर्कुट सूचना मिलने के बाद घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने बताया कि दिव्या पिछले तीन-चार वर्षों से इस बैंक में काम कर रही थीं।
पुलिस अधिकारी ने कहा, बैंक में काम करने वाली दिव्या के सहकर्मियों ने हमलावर की पहचान उसके पति के रूप में की है। पुलिस ने बताया कि मानस का बाद में हुसड़िया क्षेत्र में पता लगाया गया, जहां उसने अपनी बहन शीबा बाजपेयी को कथित तौर पर गोली मार दी और इसके बाद खुद को भी गोली मार ली।
आरोपी भी एक बैंक में अधिकारी था।घटना की जानकारी मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं, फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है।
लखनऊ के पुलिस आयुक्त तरुण गाबा भी मौका-ए-वारदात पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और फोरेंसिक टीमें सबूतों की जांच कर रही हैं।
अपनी मौत से पहले पोस्ट किए गए एक ‘व्हाट्सऐप स्टेटस’ में मानस ने आरोप लगाया कि उसने अपनी पत्नी को इसलिए मार डाला क्योंकि उसने उसे ‘‘धोखा’’ दिया था। उसने यह भी दावा कि दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा और उसके पति भरत यादव को इस मामले के बारे में सब कुछ पता था।
पत्रकार और यूट्यूबर प्रज्ञा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि आईसीआईसीआई बैंक की जिस कर्मचारी को गोली मारी गई, वह उनकी बहन थी।
प्रज्ञा ने लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट और उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को टैग करते हुए एक पोस्ट में कहा, ‘‘अभी-अभी फोन आया कि गोमतीनगर में मेरी बहन को गोली मार दी गयी है…..लोहिया में है, ईश्वर मेरी बहन की रक्षा करे।
मानस के घर के पास रेस्तरां संचालित करने वाले एक व्यक्ति ने संवाददाताओं को बताया कि उसने पसीने से लथपथ मानस को बहुत तेजी से घर के अंदर आते देखा था। उसने कहा, ‘‘मैंने उनसे (मानस) पूछा भी कि भैया क्या बात है, आप बहुत परेशान लग रहे हैं, लेकिन उन्होंने मुझसे कहा कि कुछ नहीं, बस दफ्तर के कुछ मसले हैं। फिर वह अंदर चले गए।










