लखनऊ, प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने छात्रों के हित में शुरू की गई ‘अपार आईडी’ योजना को लेकर बुधवार को विधान परिषद में सरकार का पक्ष रखा।
सिंह ने विधान मंडल के मानसून सत्र के तीसरे दिन विधान परिषद में अपने विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार का पक्ष रखा।
सदन में चर्चा के दौरान मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा बच्चों के शैक्षणिक रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण करने और उनके समस्त दस्तावेजों को एक ही स्थान पर सुरक्षित रखने के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था बनाई गई है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में केंद्र सरकार द्वारा ‘अपार आईडी’ योजना की शुरुआत की गई है, जिसके तहत हर बच्चे के लिए 12 अंक की एक यूनिक आईडी बनाई जाती है।
सिंह ने कहा कि यह डिजिटल आईडी बच्चे के लिए जीवन भर उपयोगी साबित होगी, जिससे उसके सभी शैक्षिक प्रपत्र डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे और किसी भी शैक्षणिक संस्थान में जाने पर तत्काल डिजिटल सत्यापन संभव हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि इससे छात्र-छात्राओं के एक संस्थान से दूसरे संस्थान में स्थानांतरण एवं प्रवेश की प्रक्रिया भी बेहद सुलभ होगी।
सिंह ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था अभिभावकों की पूर्ण सहमति से बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जनपद के अधिकारियों, स्कूल के शिक्षकों और अभिभावकों को प्रेरित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों की अपार आईडी बन सके।
सिंह ने इसे छात्रों के व्यापक हित में केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया बेहद अहम और दूरगामी कदम बताया।










