अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के निर्देश पर जिले में उर्वरक बिक्री केंद्रों पर लगातार छापेमारी और आकस्मिक निरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है।
खरीफ फसल के सीजन में किसानों को निर्धारित दर पर यूरिया और अन्य उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद की कालाबाजारी और जबरन किसी अन्य उत्पाद की टैगिंग कराने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान मिली कमियों पर कार्रवाई करते हुए दो उर्वरक विक्रेताओं को चेतावनी जारी की गई है, जबकि पांच विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस थमाया गया है। इसके अलावा, गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर दो दुकानदारों के उर्वरक विक्रय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई से नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
जिले में खाद की स्थिति स्पष्ट करते हुए कृषि विभाग ने बताया कि किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। वर्तमान में जिले में यूरिया 45,043 मीट्रिक टन, डीएपी 8,399 मीट्रिक टन, एमओपी 1,150 मीट्रिक टन, एनपीके 8,465 मीट्रिक टन और एसएसपी 24,425 मीट्रिक टन का स्टॉक मौजूद है।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी खतौनी या फार्मर आईडी के आधार पर अधिकृत विक्रेताओं या पीसीएफ समितियों से ही खाद खरीदें।
यदि कोई विक्रेता निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलता है या जबरन किसी उत्पाद की टैगिंग करता है, तो किसान इसकी शिकायत कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 9554741267 पर दर्ज करा सकते हैं।
शिकायत सही पाए जाने पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत दुकानदारों का लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










