बंगाल की खाड़ी में बने डीप डिप्रेशन का असर अब देश के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है। ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बाद इस मौसम प्रणाली का प्रभाव मध्य भारत और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों तक पहुंच रहा है।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश में इस सिस्टम के कारण कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई है। IMD ने दक्षिण और तटीय ओडिशा में भारी बारिश तथा कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी थी। तटीय इलाकों में तेज हवाओं के कारण समुद्र भी खराब से बहुत खराब स्थिति में रहने की चेतावनी दी गई। आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय हिस्सों में भी व्यापक बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज होने का अनुमान था।
इस मौसम प्रणाली के कमजोर पड़ने के बावजूद बारिश का असर तुरंत खत्म होने वाला नहीं है। सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों ने बताया है कि पहले से संतृप्त जमीन वाले क्षेत्रों में तेज बारिश से जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
यूपी में भी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में 25 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना है। उपलब्ध मौसम पूर्वानुमानों के अनुसार लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। 25 सितंबर को कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी बताई गई है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार करीब 45 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
लखनऊ में भी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। 26 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना वाले पूर्वानुमान उपलब्ध हैं। मौसम के इस बदलाव के कारण तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है।
प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी वाला सिस्टम अब धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, लेकिन इसके अवशेष और इससे जुड़ी नमी उत्तर तथा मध्य भारत में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है। इसलिए अगले कुछ दिनों तक यूपी समेत कई राज्यों में मौसम में बदलाव और बारिश का दौर बना रह सकता है।