Wednesday, September 23, 2026
  • About Us
  • Contact Us
  • Home
publicnews360
  • Login
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत
No Result
View All Result
publicnews360
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत

रुक-रुक कर उपवास करना वजन घटाने के लिए अधिक प्रभावी नहीं

ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360 by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
February 17, 2026
in Featured
0

पोषण की जब बात होती है तो इन दिनों रुक-रुक कर उपवास करना लोकप्रिय होता जा रहा है लेकिन इस ‘‘इंटरमिटेंट फास्टिंग’’ यानी रुक-रुक कर उपवास को लेकर नए अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में कहा गया है कि यह वजन घटाने के मामले में पारंपरिक आहार सलाह से अधिक प्रभावी नहीं है।

यह निष्कर्ष ‘‘कोक्रेन कोलाबोरेशन’’ द्वारा किए गए विश्लेषण में सामने आया है।

इस समीक्षा में 2016 से 2024 के बीच उत्तरी अमेरिका, यूरोप, चीन, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका में प्रकाशित 22 अध्ययनों का विश्लेषण किया गया।

ये अध्ययन 1,995 वयस्कों पर किये गये। सभी प्रतिभागी अधिक वजन वाले थे। इन अध्ययनों में छह से 12 महीने तक, रुक-रुक कर किए जाने वाले उपवास के प्रभाव को परखा गया।

अध्ययन में अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त वयस्कों के परिणामों की तुलना की गई। प्रतिभागियों को या तो मानक आहार संबंधी सलाह (जैसे कैलोरी कम करना या विशेष खाद्य समूहों का सेवन) दी गई, या उन्होंने अंतराल उपवास अपनाया, या फिर उनके मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया/प्रतीक्षा सूची में रखा गया।

शोधकर्ताओं ने पाया कि ऊर्जा-सीमित आहार अपनाने वाले और रुक-रुक कर उपवास करने वाले लोगों में वजन घटाने का स्तर लगभग समान रहा। 21 अध्ययनों (1,713 प्रतिभागियों) के विश्लेषण में दोनों समूहों में 10 प्रतिशत वजन घटने से लेकर एक प्रतिशत वजन बढ़ने तक के परिणाम दर्ज किए गए। आहार संबंधी सलाह में कैलोरी कम करना, फल-सब्जियां और साबुत अनाज पर आधारित भोजन या अन्य आहार योजनाएं शामिल थीं।

छह अध्ययनों (448 प्रतिभागियों) में रुक-रुक कर किए जाने वाले उपवास की तुलना ‘कोई हस्तक्षेप नहीं’ समूह से की गई। अंतराल उपवास समूह में औसतन प्रतिभागियों का लगभग 5 प्रतिशत वजन घटा, जबकि नियंत्रण समूह में लगभग 2 प्रतिशत वजन की कमी देखी गई।

शोध मानकों के अनुसार 3 प्रतिशत का अंतर चिकित्सकीय रूप से महत्वपूर्ण नहीं माना जाता। इसलिए लेखकों ने निष्कर्ष निकाला कि रुक-रुक कर किया जाने वाला उपवास वजन घटाने में ‘कुछ भी न करने’ से खास बेहतर साबित नहीं हुआ।

समीक्षा में जीवन-गुणवत्ता पर भी अंतराल वाले उपवास के असर का आकलन किया गया, लेकिन उपलब्ध सीमित अध्ययनों के आधार पर इसका प्रभाव बहुत कम पाया गया।

रुक-रुक कर किया जाने वाला उपवास वजन प्रबंधन की एक रणनीति है। यह उपवास एक ऐसी आहार पद्धति है, जिसमें कुछ निश्चित घंटों या दिनों में भोजन करने और उपवास (व्रत) रखने का एक क्रम चलता है। यह वजन घटाने और मेटाबोलिज्म को सुधारने के लिए बहुत लोकप्रिय है। इसमें क्या खाना है, इसके बजाय कब खाना है, इस पर ध्यान दिया जाता है।

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि उपलब्ध अध्ययनों की संख्या और गुणवत्ता सीमित है। ‘कोई हस्तक्षेप नहीं’ तुलना वाले केवल छह अध्ययन थे और उनमें भी तरीकों में विविधता थी। साथ ही, समीक्षा केवल 12 महीने तक की अवधि के अध्ययनों पर आधारित थी। दीर्घकालिक प्रभावों, विशेषकर वजन बनाए रखने में इसकी भूमिका, पर और शोध की जरूरत बताई गई है।

हालांकि कुछ अध्ययनों में अंतराल उपवास से रक्तचाप में कमी, मेटाबोलिक सिंड्रोम के जोखिम में कमी और चयापचय सुधार जैसे संभावित लाभों के संकेत मिले हैं।

समीक्षा का निष्कर्ष है कि अंतराल उपवास कुछ लोगों के लिए व्यवहारिक विकल्प हो सकता है, लेकिन इसे पारंपरिक आहार से बेहतर मानने के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं।

वर्तमान साक्ष्यों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अंतराल उपवास अपना रहा है या अपनाने पर विचार कर रहा है, तो यह वजन प्रबंधन का सुरक्षित और प्रभावी तरीका हो सकता है। हालांकि, किसी भी वजन घटाने की रणनीति के सफल होने के लिए उसका व्यक्तिगत पसंद और जीवनशैली के अनुरूप होना जरूरी है। किसी भी नए आहार की शुरुआत से पहले, विशेषकर यदि कोई अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्या हो, तो स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करना उचित है।

Tags: रुक-रुक कर उपवास
Previous Post

Iran ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दागीं मिसाइलें; लक्ष्यों को सटीक रूप से बनाया निशाना

Next Post

तारिक रहमान ने बांग्लादेश के PM पद की ली शपथ, 25 मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों को नई कैबिनेट में मिली जगह

Related Posts

Featured

सोते समय लोग क्यों बोलते हैं? जानिए नींद में बड़बड़ाने के पीछे क्या है वैज्ञानिक कारण

September 21, 2026
Featured

AI के जवाब पर भरोसा करने से पहले पूछें एक सवाल, ‘यह किस तरह का जवाब है?’

September 20, 2026
Featured

AI विकास धीमा करने के आरोप में Anthropic, OpenAI, SpaceXAI और Google पर मुकदमा, कंपनियों पर मिलीभगत का दावा

September 20, 2026
Featured

चंद्रमा पर मिला कोलोसियम से भी बड़ा नया गड्ढा, 2024 में हुआ था शक्तिशाली टकराव; NASA ने खोजा ‘मैकगेटचिन क्रेटर’

September 17, 2026
Next Post

तारिक रहमान ने बांग्लादेश के PM पद की ली शपथ, 25 मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों को नई कैबिनेट में मिली जगह

Recent Posts

ट्रंप की धमकी के बीच अमेरिका-ईरान में बातचीत, UNGA से इतर विटकॉफ-कुशनर ने ईरानी अधिकारियों से की मुलाकात

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
September 23, 2026
0

संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच मंगलवार को मुलाकात हुई।...

इलाहाबाद हाईकोर्ट: कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों को बड़ी राहत, पदभार संभालने की तारीख से मिलेगा प्रधानाध्यापक का वेतन

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
September 23, 2026
0

लखनऊ, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि लंबे समय तक कार्यवाहक प्रधानाध्यापक के रूप में काम करने वाले...

Azamgarh Triple Murder: आजमगढ़ में दो पुजारी, पत्नी और बेटे की हत्या, आरोपी अरविंद सिंह का एनकाउंटर, 7 घंटे चला ऑपरेशन

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
September 23, 2026
0

आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान हुए विवाद के बाद तीन...

TGT-PGT अभ्यर्थियों को योगी सरकार की पहल, NCTE को पत्र लिखने का निर्देश

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
September 23, 2026
0

लखनऊ, उत्तर प्रदेश में टीजीटी-पीजीटी भर्ती नियमों को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने...

UP FSDA Action: टुंडे कबाबी समेत 7 फास्ट-फूड आउटलेट के लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश, जांच में मिलीं गंभीर खामियां

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
September 23, 2026
0

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग ने पांच जिलों के सात ‘फास्ट-फूड आउटलेट’ और रेस्तरां...

हमारे बारे में Public News 360

एक विश्वसनीय न्यूज़ चैनल — पढ़ें ताज़ा समाचार, राजनीति, समाज और संस्कृति की खबरें।

संपादकीय जानकारी
प्रकाशक/संपादक:अतुल नारायण श्रीवास्तव
उप संपादक: अनुराग वर्मा
पता: फ़ैज़ाबाद-अयोध्या, उत्तर प्रदेश 224001
हमसे जुड़ें
विश्वसनीयता और पारदर्शिता के साथ।

All disputes Ayodhya jurisdiction only • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को संसूचित राजपत्र संख्या सी.जी.-डी.एल.-अ.-25022021-225464 दिनांक 25 फरवरी 2021 के भाग II द्वारा संचालित सर्वाधिकार सुरक्षित

  • About Us
  • Contact Us
  • Home

© 2025 publicnews360.in

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत

© 2025 publicnews360.in

×

No WhatsApp Number Found!

Join Our Whatsapp Group