Sunday, August 2, 2026
  • About Us
  • Contact Us
  • Home
publicnews360
  • Login
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत
No Result
View All Result
publicnews360
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत

कुछ कपड़े धोने पर सिकुड़ क्यों जाते हैं? जानिए, उन्हें सिकुड़ने से कैसे रोके

admin by admin
August 5, 2025
in Featured
0

अगर आपकी पसंदीदा ड्रेस या शर्ट धोने के बाद सिकुड़ जाए, तो आपका दिल टूटना लाजिमी है, खासकर तब जब आपने सभी दिशा-निर्देशों पर बारीकी से अमल किया हो। आपमें से कई ने महसूस किया होगा कि कुछ कपड़े अन्य की तुलना में ज्यादा सिकुड़ते हैं, लेकिन क्यों?

कपड़ा बनाने में इस्तेमाल होने वाले रेशों का विज्ञान समझकर आप न सिर्फ अपनी पसंदीदा ड्रेस को सिकुड़ने से रोक सकते हैं, बल्कि उसे धोते समय की जानी वाली गलतियों से भी बच सकते हैं।

कैसे बनते हैं कपड़े

-कपड़े आखिर क्यों सिकुड़ते हैं, यह जानने के लिए हमें पहले यह समझना होगा कि कपड़े बनते कैसे हैं। सूती और लिनन जैसे सामान्य रेशे पौधों से हासिल होते हैं। ये रेशे अपने प्राकृतिक स्वरूप में अनियमित आकार के और झुर्रीदार होते हैं। अगर आप इन रेशों के अंदर गहराई से देखेंगे, तो आपको लाखों छोटे, लंबी-शृंखला वाले सेल्यूलोज अणु नजर आएंगे, जो प्राकृतिक रूप से सर्पिल आकार में मौजूद होते हैं।

कपड़ा बनाते समय इन रेशों को यांत्रिक रूप से खींचा और मोड़ा जाता है, ताकि ये सेल्यूलोज शृंखलाएं सीधी हो जाएं और कतार में आ जाएं। इस प्रक्रिया में चिकने, लंबे धागे बनते हैं।

रासायनिक स्तर पर, ये शृंखलाएं ‘हाइड्रोजन बॉन्ड’ से जुड़ी होती हैं, जो रेशों और धागों को मजबूत एवं लचीला बनाते हैं। धागों को आपस में बुना या पिरोया जाता है, जिससे वे एक-दूसरे के साथ जुड़ते हैं और कपड़े का आकार लेते हैं।

हालांकि, इन रेशों की ‘फाइबर मेमोरी’ (मूल आकृति को याद रखने की क्षमता) बहुत अच्छी होती है। यही कारण है कि ये जब भी गर्मी, नमी या यांत्रिक क्रिया (जैसे आपकी वॉशिंग मशीन में घुमाना) के संपर्क में आते हैं, तो खुद बखुद ढीले पड़ जाते हैं और अपनी मूल सिकुड़ी हुई अवस्था में लौट आते हैं।

‘फाइबर मेमोरी’ के कारण ही कुछ कपड़ों पर आसानी से सिलवटें पड़ जाती हैं, जबकि कुछ कपड़े धोने के बाद सिकुड़ भी जाते हैं।

धोने से क्यों सिकुड़ते हैं कपड़े

-कपड़े क्यों सिकुड़ते हैं, यह समझने के लिए हमें फिर से आणविक स्तर पर जाना होगा। कपड़े धोने के दौरान, गर्म पानी रेशों के ऊर्जा स्तर को बढ़ाने में मदद करता है-यानी वे तेजी से हिलते हैं, जिससे उन्हें एक-दूसरे से जोड़े रखने वाले ‘हाइड्रोजन बॉन्ड’ टूट जाते हैं।

रेशों को जिस तरह से बुना या पिरोया जाता है, इसकी भी अहम भूमिका होती है। ढीले बुने हुए कपड़ों में धागों के बीच ज्यादा खुली जगह और लूप होते हैं, जो उन्हें न सिर्फ अधिक लचीला और सांस लेने योग्य बनाते हैं, बल्कि उनके सिकुड़ने की संभावना भी ज्यादा होती है। कसकर बुने हुए कपड़े ज्यादा प्रतिरोधी होते हैं, क्योंकि उनमें धागों के बीच ज्यादा जगह नहीं होती है, जिससे वे (धागे) अपनी जगह पर टिके रहते हैं।

इसके अलावा, सेल्यूलोज ‘हाइड्रोफिलिक’ होता है, यानी यह पानी को आकर्षित करता है। पानी के अणु रेशों के अंदर घुसकर उन्हें न सिर्फ फूला देते हैं, बल्कि अधिक लचीला एवं गतिशील बनाते हैं। इसके अलावा, वॉशिंग मशीन के अंदर ‘टंबल’ और ‘ट्विस्ट’ क्रिया भी होती है।

इस पूरी प्रक्रिया में रेशे ढीले पड़ जाते हैं और अपनी प्राकृतिक, कम खिंची हुई तथा सर्पिल अवस्था में लौट जाते हैं। नतीजतन, कपड़ा सिकुड़ जाता है।

ठंडा पानी भी जिम्मेदार

-कपड़े केवल गर्म पानी में धोने के कारण ही नहीं सिकुड़ते, जैसा कि आपने खुद रेयॉन से बने कपड़ों के साथ महसूस किया होगा। ठंडा पानी भी रेशों में घुसकर उन्हें फूला सकता है। वॉशिंग मशीन में कपड़े घूमने की प्रक्रिया के दौरान भी उनमें सिकुड़न आ सकती है।

सिकुड़न को कम करने के लिए आप कपड़े धोने के वास्ते ठंडे पानी के इस्तेमाल के अलावा वॉशिंग मशीन में सबसे धीमी ‘स्पिन’ गति का चयन कर सकते हैं, खासकर सूती और रेयॉन फैब्रिक के मामले में।

ऊनी कपड़ों का क्या

-अलग-अलग रेशे अलग-अलग तरीकों से सिकुड़ते हैं; ऐसा कोई एक तरीका नहीं है, जो सभी के मामले में लागू होता है।

सेल्यूलोज-आधारित कपड़े ऊपर बताए तरीके के अनुसार सिकुड़ते हैं, जबकि ऊन पशु से हासिल रेशा है, जो केराटिन प्रोटीन से बना होता है। इसकी सतह छोटी-छोटी, एक-दूसरे पर चढ़ी सतहों से ढकी होती है, जिन्हें ‘क्यूटिकल’ कोशिका कहते हैं।

धुलाई के दौरान ये ‘क्यूटिकल’ खुल जाते हैं और आस-पास के रेशों से जुड़ जाते हैं, जिससे रेशे आपस में उलझ जाते हैं। इससे कपड़े मोटे और छोटे लगने लगते हैं, दूसरे शब्दों में कहें, तो वे सिकुड़ जाते हैं।

सिंथेटिक कपड़े ज्यादा क्यों नहीं सिकुड़ते

-पॉलीस्टर या नायलॉन जैसे सिंथेटिक रेशे पेट्रोलियम-आधारित पॉलीमर से बने होते हैं, जिन्हें स्थिरता और टिकाऊपन के लिए डिजाइन किया गया है। इन पॉलीमर में अधिक क्रिस्टलीय क्षेत्र होते हैं, जो बेहद व्यवस्थित होते हैं और आंतरिक “ढांचे” के रूप में काम करते हैं, जिससे कपड़े में सिकुड़न नहीं आती।

कपड़े को कैसे पुराने स्वरूप में लौटाएं

-अगर आपका पसंदीदा कपड़ा धोते समय सिकुड़ गया है, तो आप इस आसान तरीके से उसे बचा सकते हैं। कपड़े को हेयर कंडीशनर या बेबी शैंपू (लगभग एक बड़ा चम्मच प्रति लीटर) मिले गुनगुने पानी में भिगोएं। फिर, उसे सावधानी से खींचकर वापस उसके मूल आकार में ले आएं और रस्सी या रैक पर टांगकर सुखाएं।

यह तरकीब इसलिए काम करती है, क्योंकि कंडीशनर में ‘कैटियोनिक सर्फेक्टेंट’ नामक रसायन होते हैं। ये रेशों को अस्थायी रूप से चिकना कर देते हैं, जिससे वे ज्यादा लचीले हो जाते हैं और आप उन्हें धीरे से उनके मूल आकार में वापस खींच सकते हैं।

(द कन्वरसेशन)

Tags: कुछ कपड़े धोने पर सिकुड़ क्यों जाते हैं
Previous Post

उत्तर प्रदेश सरकार ने असुरक्षित स्कूल भवनों को ध्वस्त करने का दिया आदेश

Next Post

अयोध्या: रेलवे ट्रेक के पास से 45 वर्षीय व्यक्ति का कटा शव बरामद

Related Posts

होर्मुज में तनाव के बीच 14 भारतीय जहाज सुरक्षित निकले
Featured

रूसी सेना के साथ अब भी काम कर रहे करीब दो दर्जन भारतीय, रिहा कराने के प्रयास जारी : विदेश मंत्रालय

August 1, 2026
बिना सिर खोले ब्रेन ट्यूमर हटाया: भारतीय-अमेरिकी आर्मी सर्जन मेजर पटेल की अनोखी तकनीक
Featured

बिना सिर खोले ब्रेन ट्यूमर हटाया: भारतीय-अमेरिकी आर्मी सर्जन मेजर पटेल की अनोखी तकनीक

July 31, 2026
क्या सख्त भाषा बनाती है बेहतर लीडर? नई रिसर्च में मिला हैरान करने वाला जवाब
Featured

क्या सख्त भाषा बनाती है बेहतर लीडर? नई रिसर्च में मिला हैरान करने वाला जवाब

July 27, 2026
Origin Energy में डेटा सेंध की घटना असामान्य, लेकिन क्या डेटा को सुरक्षित रखने के तरीके मौजूद हैं!
Featured

Origin Energy में डेटा सेंध की घटना असामान्य, लेकिन क्या डेटा को सुरक्षित रखने के तरीके मौजूद हैं!

July 24, 2026
Next Post

अयोध्या: रेलवे ट्रेक के पास से 45 वर्षीय व्यक्ति का कटा शव बरामद

Recent Posts

BJP का अभियान: 11 से 15 अगस्त, 2026 तक प्रदेशभर में ‘‘हर घर तिरंगा‘‘, तथा 10 से 14 अगस्त तक भव्य ‘‘तिरंगा यात्रा’’

BJP का अभियान: 11 से 15 अगस्त, 2026 तक प्रदेशभर में ‘‘हर घर तिरंगा‘‘, तथा 10 से 14 अगस्त तक भव्य ‘‘तिरंगा यात्रा’’

by Atul Narain Srivastava
August 1, 2026
0

लखनऊ, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय मंत्री अनिल के. एंटनी ने शनिवार को कहा कि ‘हर घर तिरंगा‘ केवल...

अयोध्या: सीतापुर नेत्र चिकित्सालय परिसर की दुकानों पर चला बुलडोजर, दुकानदारों में आक्रोश

अयोध्या: सीतापुर नेत्र चिकित्सालय परिसर की दुकानों पर चला बुलडोजर, दुकानदारों में आक्रोश

by Atul Narain Srivastava
August 1, 2026
0

अयोध्या, सीतापुर नेत्र चिकित्सालय परिसर स्थित 26 दुकानों पर प्रशासनिक बुलडोजर चलाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला...

Photo अयोध्या: DM शशांक त्रिपाठी ने चौक स्थित ऐतिहासिक द्वार और साकेत सदन का किया निरीक्षण

Photo अयोध्या: DM शशांक त्रिपाठी ने चौक स्थित ऐतिहासिक द्वार और साकेत सदन का किया निरीक्षण

by Atul Narain Srivastava
August 1, 2026
0

अयोध्या, जिले के समग्र विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी (DM) शशांक त्रिपाठी ने जमुनियाबाग, चौक स्थित...

अयोध्या: खाद की कालाबाजारी रोकने को लेकर प्रशासन सख्त, छापेमारी के दौरान दो उर्वरक लाइसेंस निलंबित

अयोध्या: खाद की कालाबाजारी रोकने को लेकर प्रशासन सख्त, छापेमारी के दौरान दो उर्वरक लाइसेंस निलंबित

by Atul Narain Srivastava
August 1, 2026
0

अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के निर्देश पर जिले में उर्वरक बिक्री केंद्रों पर लगातार छापेमारी और आकस्मिक निरीक्षण की...

अयोध्या: DIG कार्यालय में मुख्य आरक्षी डॉ. ओमप्रकाश सिंह और कर्मचारी अंगदराम को दी गई भावभीनी विदाई

अयोध्या: DIG कार्यालय में मुख्य आरक्षी डॉ. ओमप्रकाश सिंह और कर्मचारी अंगदराम को दी गई भावभीनी विदाई

by Atul Narain Srivastava
August 1, 2026
0

अयोध्या, पुलिस उपमहानिरीक्षक कार्यालय, अयोध्या परिक्षेत्र में तैनात मुख्य आरक्षी डॉ. ओमप्रकाश सिंह एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अंगदराम के सेवानिवृत्त...

हमारे बारे में Public News 360

एक विश्वसनीय न्यूज़ चैनल — पढ़ें ताज़ा समाचार, राजनीति, समाज और संस्कृति की खबरें।

संपादकीय जानकारी
प्रकाशक/संपादक:अतुल नारायण श्रीवास्तव
उप संपादक: अनुराग वर्मा
पता: फ़ैज़ाबाद-अयोध्या, उत्तर प्रदेश 224001
हमसे जुड़ें
विश्वसनीयता और पारदर्शिता के साथ।

All disputes Ayodhya jurisdiction only • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को संसूचित राजपत्र संख्या सी.जी.-डी.एल.-अ.-25022021-225464 दिनांक 25 फरवरी 2021 के भाग II द्वारा संचालित सर्वाधिकार सुरक्षित

  • About Us
  • Contact Us
  • Home

© 2025 publicnews360.in

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत

© 2025 publicnews360.in

×

No WhatsApp Number Found!

Join Our Whatsapp Group