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Origin Energy में डेटा सेंध की घटना असामान्य, लेकिन क्या डेटा को सुरक्षित रखने के तरीके मौजूद हैं!

ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360 by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 24, 2026
in Featured, अंतराष्ट्रीय
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Origin Energy में डेटा सेंध की घटना असामान्य, लेकिन क्या डेटा को सुरक्षित रखने के तरीके मौजूद हैं!

इस सप्ताह कंपनी ‘ओरिजिन एनर्जी’ के ग्राहकों को पता चला कि डेटा सेंध में उनकी निजी जानकारी चोरी हो गई है। वे क्वांटस, ऑप्टस और मेडिकेयर जैसी दूसरी बड़ी कंपनियों के उन ग्राहकों में शामिल हो गए हैं, जिनका डेटा हाल के वर्षों में हैक हुआ है।

ओरिजिन के लगभग 48 लाख ग्राहक हैं, जिससे यह देश की सबसे बड़ी बिजली और गैस खुदरा आपूर्ति कंपनी बन गई है, लेकिन कंपनी ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि कितने लोग डेटा चोरी से प्रभावित हुए हैं।

शुक्रवार को, एक मीडिया संस्थान ने बताया कि कथित हैकर ने ओरिजिन के साथ समझौता करने के बाद ग्राहकों का डेटा लीक न करने पर सहमति जताई है।

हालांकि, ओरिजिन ने अभी तक ऐसे किसी समझौते की पुष्टि नहीं की है, फिर भी ग्राहकों को किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या ईमेल को लेकर सावधान रहने की सलाह दी गई है। कृत्रिम मेधा (एआई) के दौर में, अतिरिक्त सावधानी बरतने पर जोर दिया गया है।

ओरिजिन के डेटा सेंध के मामले में अब तक हमें क्या पता है :

यह मामला इस सप्ताह की शुरुआत में तब सामने आया जब कथित हैकर ने ‘द ऑस्ट्रेलियन’ अखबार से संपर्क करके दावा किया कि उसने ओरिजिन के 20 लाख ग्राहकों के रिकॉर्ड तक पहुंच बना ली है।

ओरिजिन ने पुष्टि की कि डेटा में ‘‘नाम, पता, जन्म तिथि, फोन नंबर और खाता जानकारी, साथ ही क्रेडिट कार्ड के आखिरी चार अंक या बैंक खाते के आखिरी तीन अंक शामिल हो सकते हैं’’।

इनमें से कुछ विवरण, जैसे क्रेडिट कार्ड के आखिरी चार अंक, ऑप्टस और क्वांटास में हुई पिछली सेंधमारी से कहीं ज्यादा गंभीर हो सकते हैं, जिससे ग्राहकों को चुनिंदा तरीके से फर्जी लिंक भेजकर आसानी से निशाना बनाया जा सकता है।

एआई की मदद से अपराधी पहले से कहीं ज्यादा आसानी से लक्ष्य तय कर सकते हैं : पते, ईमेल और फोन नंबर के अलावा, क्रेडिट कार्ड और बैंक खाते की अतिरिक्त निजी जानकारी का मतलब है कि अपराधी संभावित लक्ष्य की पूरी जानकारी आसानी से निकाल सकते हैं।

एआई में तेजी से हो रही तरक्की के साथ, साइबर ठगों के पास ज्यादा उन्नत टूल और विश्लेषण की सुविधा है, जिससे वे लोगों को निशाना बनाने के लिए आसानी से चुन सकते हैं।

उदाहरण के लिए, चैटजीपीट या किसी अन्य बड़े एआई मॉडल के आने से पहले, अगर किसी हैकर के पास 20 लाख लोगों का डेटा होता, तो उसे साइबर ठगी के लिए डेटा का विश्लेषण करने में काफी लंबा समय लगाना पड़ता।

अब, वे ग्राहक से जुड़ा सटीक डेटा खोजने के लिए तुरंत रिकॉर्ड को स्कैन कर सकते हैं; जैसे, पोस्टकोड के जरिए समृद्ध इलाकों को लक्ष्य करके लोगों के समूह या खास व्यक्तियों का पता लगाना।

ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाने के लिए लक्ष्य की पहचान करने के वास्ते निजी जानकारी को सोशल मीडिया पोस्ट को एआई सर्च के साथ मिलाया जा सकता है। पीड़ितों के नाम, और ईमेल पते, फोन नंबर और सोशल मीडिया गतिविधियों को आपस में जोड़कर हैकर अपने लक्ष्य को और सटीक बना सकते हैं।

हैकर एआई का इस्तेमाल करके लीक हुई निजी जानकारी से तेजी से फर्जी दस्तावेज भी बना सकते हैं।

खुद को कैसे बचाया जा सकता है : किसी भी हैकिंग की घटना के बाद सबसे अच्छी सलाह यही है कि आप ज्यादा सावधान रहें। अगर आपने यूटिलिटी सेवाओं के लिए ‘डायरेक्ट डेबिट’ की सुविधा स्वीकार की हुई है, तो अभी के लिए बैंक की जानकारी हटाने और हर बार ‘मैन्युअल’ रूप से बिल का भुगतान करने के बारे में सोचें।

ओरिजिन, बैंक या सरकार की तरफ से होने का दावा करने वाले किसी भी अनजान ईमेल, संदेश या फोन कॉल को लेकर ज्यादा सतर्क रहें। जवाब देने में जल्दबाजी न करें, साइबर अपराधी अक्सर अपनी मांगों में जल्दबाजी का माहौल बनाते हैं।

अगर आपको ओरिजिन की तरफ से होने का दावा करने वाला कोई संदेश मिलता है, तो उसमें दिए गए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें और न ही दिए गए फोन नंबर पर कॉल करें। इसके बजाय, ओरिजिन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या कंपनी से ऐसी जानकारी का इस्तेमाल करके संपर्क करें जिसके बारे में आप पहले से जानते हैं कि वह सही है।

(द कन्वरसेशन)

Tags: Origin Energy में डेटा सेंध
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