सावन की अमावस्या को हरियाली अमावस्या के नाम से जाना जाता है। यह पर्व प्रकृति, पितरों और परमात्मा को समर्पित होता है। इसके साथ ही नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए बहुत खास माना जाता है। जहां एक ओर यह दिन पेड़ों की हरियाली और पर्यावरण के प्रति सम्मान का प्रतीक बनता है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अंचलों में महिलाओं के लिए यह दिन एक विशेष लोक परंपरा से जुड़ा होता है, झूले की पूजा।
नारद पुराण में वर्णित है कि इस दिन श्राद्ध, दान, होम, देवपूजन और वृक्षारोपण करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है।
इस साल सावन मास की अमावस्या तिथि आरंभ 24 जुलाई , सुबह 2:29 बजे से शुरू होगी और 25 जुलाई को रात 12:41 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार 24 जुलाई को हरियाली अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन गंगा स्नान और दान का बहुत अधिक महत्व है। इस दिन पितरों का श्राद्ध करना उत्तम रहता है।
इस साल हरियाली अमावस्या पर गुरु पुष्य योग बन रहा है। यह योग ज्ञान, समृद्धि का प्रतीक है। इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग में जो भी काम किया जाता है, उसमें सफलता मिलती है। इसके अलावा अमृत सिद्धि योग बन रहा है, इस योग में दीर्घायु और समृद्धि आती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष जगहों पर दीपक जलाने या रोशनी करने से घर से दुख और दरिद्रता दूर होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है।
हरियाली अमावस्या को क्या नहीं करना चाहिए
- हरियाली अमावस्या के दिन बाल, नाखून आदि काटने से बचना चाहिए। इससे आपको कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
- अमावस्या के दिन किसी तरह का लड़ाई-झगड़ा न करें, न किसी से अपशब्द कहें और इस दिन गुस्से से भी दूर रहना चाहिए।
- हरियाली अमावस्या के दिन देर तक नहीं सोना चाहिए, क्योंकि इससे पितरों की कृपा नहीं मिलती है।
- ऐसी मान्यता है कि हरियाली अमावस्या पर झाड़ू खरीदना शुभ नहीं माना जाता है। ऐसा करने से मां लक्ष्मी आपसे नाराज हो सकती हैं।
- हरियाली अमावस्या के दिन लहसुन-प्याज और मांस-मदिरा आदि का बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए, वरना धन संबंधी परेशानी हो सकती है।
- हरियाली अमावस्या पर सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश और नए काम की शुरुआत आदि जैसे शुभ कार्य भी नहीं करने चाहिए, वरना आपको अशुभ परिणाम मिल सकते हैं।
- हरियाली अमावस्या के दिन किसी गरीब को घर से खाली हाथ लौटाना भी शुभ नहीं माना जाता है। कोई गरीब आपके घर आए तो उसे कुछ न कुछ जरूर देना चाहिए।


