अमरोहा जिले के आदमपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। जहां तीन दोस्त नकली करेंसी बनाकर उन्हें बाजार में चला रहे थे।
नकली करेंसी को बनाने का काम पैथोलॉजी लैब में किया जा रहा था, ताकि किसी को कोई शक न हो। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कलर प्रिंटर, 50-50 रुपए के नकली नोट, करीब 1100 रुपये बरामद किए।
संभल जनपद के एचोंड़ा कम्बोह में अनुज पुत्र रमेश की इंडियन पैथालॉजी के नाम से लैब है, जिस पर गांव चंदपुरा थाना एचौड़ा कंबोह निवासी अजय और पवन काम करते थे, करीब एक माह पहले अनुज कलर प्रिंटर खरीद कर लाया और तीनों ने नकली करेंसी छापने की योजना बनाई।
यूट्यूब पर वीडियो देख आरोपियों ने नकली नोट बनाने का आइडिया लिया, इसके बाद 50-50 रुपये के नोट फोटो स्टेट करके नकली करेंसी तैयार किये थे। अजय और पवन ने असमौली में चार-पांच नोट परचून की दुकान पर चलाये थे। वहीं, अमरोहा के आदमपुर थाना क्षेत्र में साप्ताहिक बाजार में एक सब्जी विक्रेता को दोनों ने 50 का नकली नोट दिया। सब्जी विक्रेता ने शक होने पर दोनों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया ।
तीनों आरोपी संभल जिले के निवासी हैं और एचोड़ा कम्बोह गांव में एक पैथोलॉजी लैब की आड़ में यह अवैध धंधा कर रहे थे। गिरोह पिछले एक माह से सक्रिय था और बड़ी मात्रा में नकली नोट चला चुका है। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।


