अयोध्या, जिले के सोहावल तहसील के मऊ यदुवंशपुर गांव में तालाब जमीन पर रात भर अवैध खनन होने की शिकायत पर पहुंचे खनन अधिकारी ने अवैध खनन को नही रोका l
शिकायतकर्ता गांव निवासी नरेश चंद्र ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी, इसके बाद जिलाधिकारी ने एसडीएम सोहावल से तत्काल अवैध खनन को रोकने का निर्देश दिया l
शिकायतकर्ता का आरोप है कि गांव में तालाब के पास ही उनका भी जमीन का हिस्सा है, जिसमे बिना किसी परमिशन की रात भर जेसीबी द्वारा तालाब की खुदाई की जा रही हैl शिकायत पर कोई कार्रवाई खनन विभाग या पुलिस नहीं कर रही है l
बता दे, उत्तर प्रदेश में मिट्टी की खुदाई पर पूर्ण रोक नहीं है, लेकिन पोकलैंड मशीनों का उपयोग सख्त नियमों के अधीन है, खासकर नदियों और संवेदनशील क्षेत्रों में। किसानों को 100 घन मीटर तक की खुदाई के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा है, लेकिन बड़े पैमाने की खुदाई के लिए परमिट अनिवार्य है। अवैध खनन पर कार्रवाई के निर्देश हैं, लेकिन क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन जारी है।
- किसानों के लिए मिट्टी खनन नियम (2025 तक की स्थिति):
- उत्तर प्रदेश सरकार ने 2023 और 2024 में नियमों में ढील दी है, जिसके तहत किसान अपने खेतों से निजी उपयोग के लिए 100 घन मीटर तक मिट्टी बिना परमिट के खोद सकते हैं। इसके लिए केवल ऑनलाइन पंजीकरण (upminemitra.in पर) करना होगा।
- 2 मीटर गहराई तक की खुदाई को उत्तर प्रदेश उपखनिज (परिहार) नियमावली-1963 के तहत खनन नहीं माना जाता, जिससे छोटे पैमाने की खुदाई आसान है।
- 100 घन मीटर से अधिक मिट्टी खनन के लिए जिलाधिकारी से परमिट लेना अनिवार्य है।
- पोकलैंड मशीनों पर प्रतिबंध:
- पोकलैंड जैसी भारी मशीनों का उपयोग नदियों या संवेदनशील क्षेत्रों में खनन के लिए सख्ती से विनियमित है। उदाहरण के लिए, 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नदी की मुख्यधारा में पोकलैंड से खनन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे, क्योंकि यह नदी के स्वरूप को नुकसान पहुँचाता है।
- 2025 में हमीरपुर जैसे क्षेत्रों में पोकलैंड मशीनों से अवैध खनन की खबरें सामने आई हैं, जिसके खिलाफ जिलाधिकारी के आदेश हैं, लेकिन माफिया द्वारा नियम तोड़े जा रहे हैं।
- विशिष्ट परियोजनाओं और छूट:
- सड़क, पाइपलाइन, बांध, तालाब, नहरों के रखरखाव, आपदा प्रबंधन, कुओं की खुदाई, और पर्यावरणीय अनापत्ति की आवश्यकता न होने वाले भवनों की नींव के लिए मिट्टी खनन की छूट है।
- कुम्हारों को मैनुअल खनन के लिए मिट्टी निकालने की अनुमति है।
- अन्य प्रतिबंध:
- अंतर-राज्यीय परिवहन: यूपी से मिट्टी को दूसरे राज्यों में ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध है।
- त्योहारों के दौरान: कुछ क्षेत्रों में, जैसे कानपुर में होली और रमजान (मार्च 2025) के दौरान, सुरक्षा कारणों से नई खुदाई पर रोक लगाई गई थी।
- चुनावी आचार संहिता: दिल्ली में 2025 विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता लागू होने से परियोजनाओं की खुदाई पर रोक थी, और यूपी में भी ऐसी स्थिति लागू हो सकती है।
- अवैध खनन:
- अवैध खनन, खासकर पोकलैंड मशीनों से, एक बड़ी समस्या है। बस्ती (2022) और हमीरपुर (2025) में नियमों का उल्लंघन कर मिट्टी खनन की शिकायतें दर्ज की गई हैं।
- खनन माफिया द्वारा गहरी खुदाई (80 फीट तक, जब अनुमति केवल 3 फीट की थी) की घटनाएँ भी सामने आई हैं।


