महाकुंभ में देश के हर कोने से आ रही लोगों की भारी भीड़ और शनिवार को नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ की घटना को देखते हुए प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या और मिर्जापुर समेत धार्मिक आस्था से जुड़े नगरों के स्टेशनों पर पूर्व में जारी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी ने बताया, ‘‘हम पूर्व में जारी प्रोटोकॉल का ही सख्ती से लागू करना सुनिश्चित कर रहे हैं। हमने मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी जैसे स्नान पर्वों को सफलतापूर्वक संपन्न कराया है और आगे भी यही प्रोटोकॉल जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि इस प्रोटोकॉल के तहत प्रयागराज जंक्शन पर शहर की तरफ से प्रवेश और सिविल लाइंस की तरफ से निकासी कराई जा रही है और ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आने तक यात्रियों को ‘होल्डिंग एरिया’ में रोककर रखा जाता है। प्रयागराज जंक्शन पर तैनात आरपीएफ के निरीक्षक शिव कुमार ने बताया कि प्रयागराज जंक्शन पर भीड़ नियंत्रण में है।
रेलवे पुलिस के अपर महानिदेशक (एडीजी) प्रकाश डी. ने कहा, ‘हमने यात्रियों को रखने के लिए होल्डिंग एरिया चिह्नित किया है, क्योंकि ट्रेनों की क्षमता सीमित है। प्लेटफॉर्म की भी क्षमता सीमित है। स्टेशन पर आने वाले अतिरिक्त यात्रियों को होल्डिंग एरिया में रखा जाता है।’
प्रकाश ने कहा, ‘प्रयागराज में हमने 90 होल्डिंग एरिया की पहचान की है, क्योंकि हमारे पास आठ रेलवे स्टेशन हैं। प्रयागराज में रोजाना 500 ट्रेनें चलती हैं और हमारा यात्रियों से अनुरोध है कि वे पुलिस और प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।
उन्होंने कहा कि प्रयागराज में तीर्थयात्रियों के आवागमन के प्रवाह का आकलन करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रकाश ने कहा, ‘हमने प्रयागराज के अंदर रेलवे स्टेशनों की पहचान की है, उदाहरण के लिए लखनऊ और अयोध्या के तीर्थयात्रियों की आवाजाही के लिए फाफामऊ; गोरखपुर, दीन दयाल उपाध्याय नगर और बिहार के लिए झूंसी। उन्होंने कहा, ‘ प्रयागराज में स्थिति सामान्य और पूरी तरह नियंत्रण में है। हमारे पास चौबीसों घंटे काम करने वाला मजबूत नियंत्रण कक्ष है।
इस बीच, मथुरा से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक मथुरा जंक्शन स्टेशन के निदेशक एन पी सिंह ने बताया कि मथुरा में भीड़ नियंत्रण प्रणाली का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। यहां दिल्ली या किसी अन्य स्टेशन के समान भीड़ के अनियंत्रित होने की कोई समस्या नहीं है।
उन्होंने बताया कि मथुरा जंक्शन पर प्रयागराज महाकुंभ की शुरुआत से भीड़ प्रबंधन से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का अनुपालन किया जा रहा है।
उत्तर पूर्व रेलवे के वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि झूंसी और रामबाग स्टेशन पर भी तय प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है और ट्रेन आने तक यात्रियों को सुरक्षा क्षेत्र में रोककर रखा जा रहा है।
वाराणसी रेलवे जंक्शन पर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। स्टेशन निदेशक अर्पित गुप्ता ने बताया कि, “हम कुंभ के पहले दिन से ही भीड़ को लेकर पूरी तरह से सतर्क हैं, जिसे हमने कल की घटना (दिल्ली हादसा) के बाद बढ़ा दिया है।
गुप्ता ने बताया, “स्टेशन के आस पास वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है। स्टेशन परिसर में जगह-जगह अवरोधक लगाए गए हैं। जब हमें लगता है कि प्लेटफॉर्म पर भीड़ बढ़ रही है अवरोधक को बंद कर भीड़ को बाहर ही रोक दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि स्टेशन के गेट पर पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा बल मौजूद रहते हैं, जो प्लेटफॉर्म पर ज्यादा भीड़ होने पर लोगों को बाहर ही रोक देते हैं। स्टेशन परिसर में पर्याप्त मात्रा में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे 24 घंटे अधिकारी नजर रखे हुए है।
गुप्ता ने कहा कि ज्यादा भीड़ नजर आने पर सुरक्षा बल वहां तुरंत पहुंच कर भीड़ को नियंत्रित करते हैं। गुप्ता ने बताया कि विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि आने वाली ट्रेनों का प्लेटफॉर्म बदलना ना पड़े। यदि किसी कारणवश प्लेटफॉर्म बदलना भी पड़ता है तो प्रयास रहता है कि कम से कम डेढ़ घण्टे पहले यात्रियों को सूचना दे दें जिससे भगदड़ की स्थिति उत्पन्न ना हो।
वाराणसी में बिहार के समस्तीपुर निवासी सुबोध कुमार ने बताया कि वे प्रयागराज से स्नान कर के वापस आये हैं। अब वे वापस जाने के लिए स्टेशन पर अपनी ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। सुबोध ने बताया कि यात्रा में भीड़ तो अधिक है लेकिन रेलवे के इंतजाम से उन्हें कोई शिकायत नहीं है।
अयोध्या धाम और अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। तीर्थयात्रियों को जागरूक किया जा रहा है। तीर्थयात्रियों के आगमन और प्रस्थान के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए हैं। सुरक्षा के लिए राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों को तैनात किया गया है।
उत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) सुशील जायसवाल ने बताया कि अयोध्या रेलवे स्टेशन पर सभी कर्मचारियों और सुरक्षा बलों को बढ़ा दिया गया है और यात्रियों का सार्वजनिक संबोधन प्रणाली सहित जीआरपी और आरपीएफ कर्मियों द्वारा नियमित रूप से मार्गदर्शन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि यात्री रेलवे स्टेशनों पर अलग-अलग प्रवेश और निकास कर रहे हैं। कुंभ से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं।
अधिकारी के अनुसार अयोध्या, रेलवे अधिकारियों ने तीन-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू की है, जिसमें 300 से अधिक कर्मियों को तैनात किया गया है और 1.5 लाख यात्रियों की दैनिक भीड़ को प्रबंधित करने के लिए उन्नत स्क्रीनिंग उपाय और 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
अयोध्या के आरपीएफ निरीक्षक यशवंत सिंह ने कहा कि आरपीएफ कर्मी व्यापक सीसीटीवी कवरेज के माध्यम से रेलवे स्टेशन पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। उन्होंने बताया कि रेलवे यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रोजाना 12 से 15 विशेष ट्रेनें चला रहा है।
जिलाधिकारी ने रेलवे अधिकारियों से कहा कि प्रयागराज की ओर जाने वाली ट्रेनों के आने से पहले प्लेटफार्म न बदलें।
मां विंध्यवासिनी धाम से जुड़े मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर अपेक्षाकृत भीड़ कम है, लेकिन दिल्ली में मची भगदड़ को ध्यान में रखते हुए मिर्ज़ापुर पुलिस प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरती है।
रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार पर तैनात उप निरीक्षक राम नगीना यादव ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि प्रयागराज की तरफ भीड़ कम हो गई है लेकिन उस तरफ से आने वाली भीड़ ज्यादा है।


