वाराणसी, एक पुलिस अधिकारी ने कुछ लोगों के साथ मिलकर एक अपार्टमेंट में छापा मारा और दांव पर लगे करीब 40 रुपये समेटकर चलता बना। पुलिस अधिकारी का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमे वह अपार्टमेंट के लिफ्ट से उतरता हुआ नजर आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ इस मामले के उछलने के बाद जिला पुलिस ने पुलिस अफसर को लाइन हाजिर कर दिया है।
वही इस पूरे मामले पर पूर्व सीएम और सपा मुखिया अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए यूपी सरकार की कार्यशैली पर गम्भजीर सवाल खड़े किये है। उन्होंने ‘एक्स’ पर किये गए पोस्ट पर लिखा, ‘उप्र में ‘फ़िल्म सिटी’ तो नहीं बनी लेकिन लगता है फ़िल्म की रीयल लोकेशन शूटिंग शुरू हो गयी है। सारनाथ में हाईप्रोफ़ाइल बिल्डिंग में खेले जा रहे हाईप्रोफ़ाइल जुए में हाईप्रोफ़ाइल स्टाइल में एक छापा पड़ा और कोई माल लेकर नदारद हो गया। इस फ़िल्म का क्लाइमेक्स ये है कि देश के प्रधान संसदीय क्षेत्र के निकटस्थ हुई इस वारदात की हिस्सेदारी में असली दावा किसका होगा? यह रहस्य जानने के लिए देखते रहिए भाजपाई भ्रष्टाचार की धारावाहिक फ़िल्म : ‘वर्दीवाला लुटेरा’
उप्र में ‘फ़िल्म सिटी’ तो नहीं बनी लेकिन लगता है फ़िल्म की रीयल लोकेशन शूटिंग शुरू हो गयी है। सारनाथ में हाईप्रोफ़ाइल बिल्डिंग में खेले जा रहे हाईप्रोफ़ाइल जुए में हाईप्रोफ़ाइल स्टाइल में एक छापा पड़ा और कोई माल लेकर नदारद हो गया। इस फ़िल्म का क्लाइमेक्स ये है कि देश के प्रधान… pic.twitter.com/96F7T1hudI
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) November 10, 2024
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार बीते 7 नवंबर की रात दो लोग पहाड़ियां स्थित एक अपार्टमेंट में कार से पुलिस और पत्रकार बनकर पहुंचे। अपार्टमेंट के एक फ्लैट का दरवाजा खुलवाया। जैसे ही दरवाजा खुला तो वहां हाइप्रोफाइल जुआ हो रहा था। एक ने खुद को पुलिसकर्मी तो दूसरे ने खुद को पत्रकार बताते हुए कार्रवाई की धौंस दिखाई। मौके से मिले 40 लाख रूपये को बैग में भरकर चल दिया।
वही मामला पुलिस आयुक्त के संज्ञान में आया तो उन्होंने डीसीपी वरुणा जोन को जांच के निर्देश दिए। सोशल मीडिया में दवा किया गया है कि आरोपी पुलिस अधिकारी का नाम परमहंस गुप्ता है।


