बहराइच जिले के हरदी और रामगांव थानों के 29 पुलिसकर्मियों को सोमवार को पुलिस लाइन भेज दिया गया।
बहराइच में हाल ही में हुई हिंसा की घटना के दौरान हरदी और रामगांव थानों में हिंसा हुई थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा का पैतृक गांव रेहुआ मंसूर रामगांव थाना क्षेत्र में है, जबकि जिस स्थान पर रामगोपाल मिश्रा की हत्या हुई वह हरदी थाना क्षेत्र में है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हरदी थाने से 14 और रामगांव थाने से 15 पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन में स्थानांतरित किया गया है।
पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला से संपर्क करने पर उन्होंने तबादलों को ‘नियमित कार्रवाई’ बताया।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘ये सामान्य तबादले हैं, कांस्टेबलों का एक थाने में दो साल का कार्यकाल होता है, यह अवधि समाप्त हो गई है, इसलिए उन्हें पुलिस लाइन में भेजा गया है। इन तबादलों का महराजगंज (महसी) हिंसा से कोई लेना-देना नहीं है। अन्य थानों के लिए भी ऐसे कांस्टेबलों की सूची तैयार की जाएगी।


