अयोध्या, राम नगरी से धर्म हरि भगवान चित्रगुप्त जी का संबंध त्रेता युगीन है। शास्त्रों में अनेक प्रसंग उद्धृत है। अयोध्या में भगवान चित्रगुप्त का एकमात्र प्राचीन मंदिर मीरापुर डेरा तुलसी उद्यान के निकट है। पौराणिक महत्व वाले इस मंदिर की देख रेख कायस्थ महासभा अयोध्या द्वारा की जा रही है।
जब अयोध्या फैजाबाद जुड़वा नगरी हुआ करती थी तो फैजाबाद शहर के मध्य हैदरगंज मोहल्ले में अस्सी के दशक से यम द्वितीया के दिन यहां के स्थानीय कायस्थ समाज के लोग नव युवक कायस्थ सभा का गठन कर भगवान चित्रगुप्त की एक चल प्रतिमा रखकर कलम दवात की पूजा करते रहें है। यह क्रम दशकों तक चला। स्वर्गीय राघव प्रसाद श्रीवास्तव, व अन्य साथियों के प्रयास से हैदरगंज मोहल्ले में ही एक चित्रगुप्त मंदिर के लिए भूमि क्रय की गई। जिस पर मंदिर का भूमिपूजन हुआ। समाज के थोड़े सहयोग से गर्भगृह का ही निर्माण हो सका।
वर्ष 2022 से एक बार पुनः मंदिर निर्माण के लिए प्रयास शुरू किया गया। मंदिर में नियमित पूजा अर्चना एक चुनौती बनी हुई है।
वर्तमान समय में के सी श्रीवास्तव अध्यक्ष चित्रांश सेवा समित के अनुसार समाज से कुछ सहयोग लेकर एक कमरा व भजन कीर्तन के लिए आधे परिसर में छत का कार्य पूर्ण हो चुका है। किंतु अभी भी 50 प्रतिशत कार्य शेष है। मंदिर निर्माण समिति अपने प्रबुद्ध समाज के सहयोग की बाट जोह रही है।
दिवाली के बाद यम द्वितीया पर कलम दवात पूजा कार्यक्रम की तैयारियां शुरू हो गई है। इस वर्ष यम द्वितीया का पर्व 3 नवंबर को है।


