रायपुर: बलौदा बाजार जिले में सोमवार को कलेक्ट्रेट और SP ऑफिस में आगजनी की घटना ने पूरे छत्तीसगढ़ को हिलाकर रख दिया है। हालात ऐसे बन गए थे कि अधिकारी कर्मचारी जान बचाने के लिए कार्यालय छोड़कर भाग खड़े हुए। वहीं, अब मामले में प्रशासन एक्शन मोड पर आ गई है।
बताया जा रहा है कि आगजनी की घटना को अंजाम देने वाले 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनकी पहचान की जा रही है। फिलहाल हालात काबू में हैं, लेकिन मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बन की तैनाती की गई है। साथ ही गृहमंत्री ने स्थानीय नेताओ और रहवासियों को अलसुबह तक बैठक लेकर शांति बनाए रखने की अपील की है।
बता दें कि बलौदाबाजार में सोमवार को उग्र प्रदर्शन हुआ। उग्र लोगों ने कलेक्ट्रेट में खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की और आग भी लगा दी। करीब 300 गाड़ियां जलकर राख हो गईं। साथ ही पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प में कई घायल हो गए।
दरअसल, 15 मई की देर रात धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाया था। इसके विरोध में लोग कई दिन से प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस जैतखाम को नुकसान पहुंचाने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसके साथ ही डिप्टी सीएम विजय शर्मा पहले ही न्यायिक जांच के निर्देश दे चुके हैं। हालांकि समाज के लोगों का आरोप है कि पकड़े गए लोग असली आरोपी नहीं हैं।
वहीं, दशहरा मैदान में सोमवार को शांतिपूर्ण चल रहा प्रदर्शन दोपहर के बाद अचानक उग्र हो गया। इस घटना के बाद CM विष्णु देव साय ने बैठक लेकर माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन तेजी से हालात को नियंत्रण करने में जुट गई। इस बीच CM ने सभी से सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी लोगों से शांतिपूर्ण अपनी बात रखने की अपील की है।
वहीं, मामले की जानकारी होते ही उप मुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा, मंत्री टंकराम वर्मा और दयालदास बघेल देर रात बलौदाबाजार कलेक्ट्रेट ऑफिस पहुंचे। इस दौरान उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। गृहमंत्री विजय शर्मा ने घटना की निंदा करते हुए मामले की पूरी जांचकर दोषियों को कड़ी सजा दिलवाने की बात कही है। इसके साथ ही सभी नेताओ ने जनता से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। बताया गया कि गृहमंत्री विजय शर्मा सुबह तक स्थानीय नेताओ और रहवासियों से चर्चा कर उन्हें शांति बनाए रखने का निर्देश देते रहे।
बलौदाबाजार जिले के में हुई तोड़फोड़ को लेकर आज एक समाज के लोगों ने प्रर्दशन किया। बलौदाबाजर कलेक्ट्रेट के सामने पूरे समाज के लोगों ने धरना दिया। वहीं पुलिसबलों पर भी हमला किया। साथ ही प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर भी पथराव किया। जिससें कई पुलिस कर्मी घायल भी हो गए। कलेक्टर और एसपी चैंबर को आग के हवाले कर दिए हैं।
मौके पर भारी संख्या में पुलिसबल तैनात हो गई है। साथ ही हिंसा को नियंत्रण करने के लिए रायपुर से अतिरिक्त पुलिस बल रवाना हो गई है। बताया जा रहा है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर भी तोड़फोड़ की गई।
दरअसल, छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले की एक बस्ती में बने धार्मिक स्थल के पूजा स्थल में तोड़-फोड़ की गई। बताया जा रहा है कि 15-16 मई की रात को कुछ असमाजिक तत्वों ने धार्मिक स्थल को क्षति पहुंचाने की कोशिश की थी। इसके बाद समाज के लोगों ने चक्काजाम किया। बलौदा बाजार जिले में बवाल के बाद सरकार हरकत में आई।
धार्मिक स्थल तोड़-फोड़ मामले की अब स्पेशल जांच होगी। इसे लेकर छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री ने जांच के आदेश दे दिए हैं। विजय शर्मा ने अधिकारियों को इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया- पवित्र अमर गुफा में 15-16 मई की दरम्यानी रात को धार्मिक स्थल को क्षति पहुंचाने की कोशिश की गई थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार सामाजिक सौहार्द्र को बिगाड़ने वाली इस घटना की “न्यायिक जांच” करवाई जाएगी।


