बहराइच, नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश के बहराइच में स्थित कतर्नियाघाट वन्यजीव अभ्यारण में नेपाल के एक नागरिक को हिरासत में लिये जाने से गुस्साए 20 से 25 नेपालियों ने वन क्षेत्र में भारत की तीन अस्थायी चौकियों को आग लगा दी। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
प्रभागीय वनाधिकारी बी. शिवशंकर ने बताया कि पिछले वर्ष नवंबर में अवैध तरीके से लकड़ी काटने को लेकर नेपाल के 10 नागरिकों की पहचान कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और तभी से आरोपियों की तलाश की जा रही थी।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात वनकर्मियों ने कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के अंतर्गत धर्मापुर के जंगल में संदेह के आधार पर नेपाल के एक नागरिक को रोका और रेंज कार्यालय में उससे पूछताछ की।
हालांकि, थोड़ी देर की पूछताछ में यह मालूम होने पर कि वह व्यक्ति घटना में शामिल नहीं था, उसे छोड़ दिया गया। लेकिन इसी बीच, 20 से 25 नेपाली नागरिकों ने धर्मापुर जंगल में अस्थायी तीन वन चौकियों में आग लगा दी और इसके बाद वे सभी वापस नेपाल भाग गये।
अधिकारी ने बताया कि इस घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ क्या कार्यवाही होनी है? पुलिस केस दर्ज होगा या वन विभाग की धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा, इसका फैसला सोमवार को कार्यालय खुलने पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश और विधिक सलाह के साथ लिया जाएगा।
कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य भारत-नेपाल सीमा पर है। यह दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत आने वाली वन्यजीवों और अन्य प्राकृतिक वन संपदा की दृष्टि से भरा पूरा क्षेत्र है, जिसके चलते इसका खास महत्व है। इस स्थान पर लकड़ी माफिया, वन माफिया और वन्यजीव शिकारियों की निगाह रहती है।
नेपाल से सटी खुली सीमा के कारण नेपाली शिकारी भी यहां आ जाते हैं और अपराध के बाद नेपाल भाग जाते हैं।


