बिहार, झारखंड औरबिहार समेत कई राज्यों में मेडिकल कॉलेज की प्रवेश परीक्षा NEET में फर्जीवाड़े के कई मामले सामने आए हैं। एक बार फिर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां बाड़मेर में मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले एक युवक को अपने भाई के बदले परीक्षा देते हुए पकड़ा गया।
बाड़मेर जिला मुख्यालय में एक सरकारी स्कूल में फर्जी अभ्यर्थी भागीरथ अपने भाई की जगह एग्जाम दे रहा था। संदेह के आधार पर वीक्षक ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने पहले फर्जी अभ्यर्थी और फिर बाद में उसके भाई दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल, पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक बाड़मेर जिला मुख्यालय के 8 परीक्षा सेंटरों में से एक अंतरी देवी स्कूल में पवीक्षक को भागीरथ नाम के युवक पर संदेह हुआ। पवीक्षक ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने भागीरथ राम नामक अभ्यर्थी को पकड़ लिया और पूछताछ की तो सामने आया कि भागीरथ अपने छोटे भाई गोपाल राम की जगह डमी अभ्यर्थी बनकर फर्जी तरीके से परीक्षा दे रहा था। कोतवाली पुलिस ने एग्जाम सेंटर से पहले भागीरथ और उसके बाद उसके भाई गोपाल राम को गिरफ्तार कर लिया। दोनों भाई सांचौर जिले के मेघावा गांव के निवासी हैं। फिलहाल, पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ में जुटी हुई है।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी भागीरथ राम जोधपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट हैं और उसने कई बार नीट की परीक्षा दी है। एक साल पहले ही साल 2023 में उसका नीट में सिलेक्शन हुआ था। अब छोटे भाई को डॉक्टर बनाने के मकसद से डमी अभ्यर्थी बनकर उसकी जगह परीक्षा देने पहुंचा था।
बाड़मेर एएसपी जस्साराम बोस के मुताबिक आरोपी भागीरथ राम अपने भाई गोपाल राम की जगह परीक्षा देने पहुंचा था। पुलिस ने भागीरथ राम और उसके भाई गोपालराम दोनों को गिरफ्तार कर लिया हैं और अधिकारी के मुताबिक भागीरथ ने अपना जुर्म भी स्वीकार कर लिया है।


