अयोध्या, हनुमान मंडल की अवध धाम चौरासी कोसी परिक्रमा कारसेवकपुरम् से विहिप के वरिष्ठ संरक्षक पुरूषोत्तम नारायण सिंह द्वारा ओंम ध्वज दिखाकर मखौड़ा (मखभूमि) के लिये रवाना की गयी। जो बुधवार चौबीस अप्रैल को हवन पूजन अनुष्ठान करके मखौड़ा से प्रारंभ होगी।
परिक्रमार्थियों के बीच अपने विचार रखते हुये विहिप संरक्षक पुरुषोत्तम नारायण सिंह ने कहा अयोध्या धाम का कंण-कंण पूज्य है, चौरासी कोस की परिक्रमा हमारी आस्था श्रद्धा और भक्ति को समाहित कर समाज को एक सूत्र में बांधने का माध्यम है।
गोंडा बस्ती अंबेडकर नगर सुल्तानपुर बाराबंकी होते हुए वापस आएगी अयोध्या, 84 कोसी परिक्रमा का समापन होगा।
उन्होंने कहा चौरासी कोस की परिक्रमा से भक्तों का जीवन धन्य हो उठता है। लाखों वर्ष की प्राचीन परंपराओं को जीवंत करने वाले भक्तों की समर्पण और भक्ति को सदा नमन है। इतनी लंबी दूरी और भीषण गर्मी में भी आस्था का निर्वाह यह प्रभु राम लला के आशिर्वाद से ही संभव है।
मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने कहा परिक्रमा में दिख रहा उत्साह व भक्ति हमें पूर्वजों के संकल्प की सिद्धि को जीवंत रखने की प्रेरणा देती है।
2013 में समाज वादी पार्टी की अखिलेश सरकार ने प्रतिबंध लगाकर भक्तों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया था। आस्था और भक्ति पर जब जब प्रतिबंध लगा वह और मजबूती के साथ आगे बढ़ी, आज उत्साह और उमंग से यह परिक्रमा निकल रही है, जिसमें प्रतिवर्ष भक्तों की संख्या निरंतर बढती जा रही है।
हनुमान मंडल परिक्रमा के प्रभारी सुरेन्द्र सिंह के अनुसार अनंत काल से चली आ रही चौरासी कोसी परिक्रमा जीवन के कष्टों व्याधियों मुक्त करा प्रभुचरणों में समर्पित होन की माध्यम है।
बैशाख कृष्ण प्रतिपदा तदनुसार 24 अप्रैल को प्रातः छह बजे मखभूमि से प्रारंभ होकर परिक्रमा बैशाख शुक्ल सप्तमी यानि 14 मई को पुनः मखौड़ा पहुंच कर संपन्न होगी।
इस दौरान परिक्रमा पांच जनपदों से होकर दो सौ पैंसठ किलोमीटरकी दूरी तय करेगी। इन स्थानों पर बाईस पड़ाव होंगे, जंहा भोजन जलपान और रात्रि निवास की व्यापक व्यवस्था की गयी है।
इस दौरान कटरा कुटी के महंत चिंमय दास, सुभाष भट्ट, आदित्य उपाध्याय, सुबोध मिश्र, शिवा सिंह, सत्यम तिवारी, हीरा लाल, बालचंद्र वर्मा आदि उपस्थित रहे।