अयोध्या, शिया समुदाय के पहले इमाम तथा मुसलमानों के चौथे खलीफा हजरत अली की शहादत पर शनिवार की रात्रि से ही मस्जिदों और इमामबाड़ों में मजलिसों का दौर शुरू हो गया।इस दौरान अजादारों ने उनकी शहादत पर आंसुओं का नजराना पेश किया।
सोमवार को 21वीं रमजान का जुलूस सुबह साढ़े तीन बजे ओवैस करनी पालिक स्कूल मोहल्ला सलार से दूधाधारी कर्बला तक निकाला गया जिसमे बड़ी तादात में शिया समाज से जुड़े हुए लोग शामिल हुए। अल्लाह के आखिरी नबी हजरत मोहम्मद साहब के जानशीन पहले इमाम हजरत अली अलैहिस्सलाम की शहादत की याद शहर में जगह-जगह पर मनाई जा रही है। 19 से 21 रमजान तक मनाए जाने वाले शोक में शिया मुसलमान काले लिबास पहने हुए हजरत अली के प्रतीकात्मक ताबूत की जियारत के लिए बड़ी संख्या में शामिल रहे और मातम कर मौला-ए-कायनात की शहादत पर आंसुओं का नजराना पेश किया।
उधर रुदौली के आस पास के गांव कुढा सादात,कोपा सादात,मंझनपुर अदि में भी हज़रत अली की शहादत पर मजलिस ओ मातम का आयोजन कर जुलुस निकाला गया।
इस मौके पर कोतवाली प्रभारी देवेन्द्र सिंह समेत काफी तादात में पुलिस बल मौजूद रहा। वही नगर पालिका परिषद की साफ़ सफाई की कोई व्यवस्था नहीं थी। जुलुस के पूरे रस्ते पर जगह जगह कूड़े के ढेर लगे थे, जिसे देखकर जुलूस में मौजूद लोगो में नाराजगी देखने को मिली।


