एलडीए और पुलिस की टीम पर लोगों ने जमकर पथराव किया और गलियों से खदेड़ खदेड़ दिया। पथराव और भगदड़ में इंस्पेक्टर महानगर जख्मी हो गए। हालांकि गंभीर चोटें नहीं आईं। पीएसी के तीन जवान भी बवाल के दौरान गलियों में फंस गए। बमुश्किल तीनों किसी तरह खुद से ही बाहर निकल सके। गुस्साए लोगों ने पीएसी व पुलिस के वाहनों में तोड़फोड़ भी की।
इसी के तहत सम्राट फर्नीचर वाले की कॉमर्शियल बिल्डिंग ढहाने के लिए टीम पहुंची। शाम करीब पांच बजे बिल्डिंग ढहाई गई। बिल्डिंग गिरने से आसपास के सात मकान भी जद में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। इससे लोग उग्र हो गए। टीम पर पथराव शुरू कर दिया। जेसीबी के ड्राइवर समेत पुलिस व एलडीए के कर्मचारियों ने गलियों से भागकर जान बचाई। भीड़ ने जमकर पथराव किया। इसी दौरान इंस्पेक्टर महानगर अखिलेश मिश्र के पैर में चोट लग गई। हालांकि चोट गंभीर नहीं थी। जानकारी पर पुलिस अफसर भारी पुलिस बल लेकर पहुंच गए। ज्वाइंट सीपी कानून-व्यवस्था उपेंद्र अग्रवाल ने एनाउंसमेंट करके लोगों को समझाया। करीब एक घंटे बाद मामला शांत हुआ।
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था, डीसीपी सेंट्रल, एडीसीपी सेंट्रल समेत पुलिस-प्रशासन और एलडीए के अफसर मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे बाद बवाल पर काबू पा सके। इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस और पीएसी बल की तैनाती की गई है।
शुरुआत में गली में पथराव हुआ। जब फोर्स सड़क पर आ गई तो वहां भी पथराव किया गया। छतों से भारी पथराव हुआ। पॉलिटेक्निक से बादशाहनगर की तरफ जाने वाली सड़क (दोनों तरफ की) ईंट-पत्थरों से पट गई। पहले पुलिस बल कम था, इसलिए भीड़ हावी हो रही थी लेकिन चंद मिनटों में पुलिस बल पहुंचा तब लोगों को खदेड़ दिया गया। जिसके बाद मामला शांत हो सका।


