नयी दिल्ली, सीबीआईसी ने शनिवार को फर्जी जीएसटी समन जारी करने वाले धोखेबाजों के प्रति आगाह किया और करदाताओं से जीएसटी अधिकारियों से मिलने वाले किसी भी संदेश की सत्यता की जांच करने को कहा।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने एक बयान में कहा कि जीएसटी खूफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) ने हाल ही में पाया कि धोखाधड़ी के इरादे से कुछ व्यक्ति करदाताओं को फर्जी समन भेज रहे हैं।
ये समन ऐसे लोगों को भेजे जा रहे हैं, जो डीजीजीआई की जांच के दायरे में हो सकते हैं या नहीं भी हो सकते हैं।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ”जो फर्जी समन भेजे जा रहे हैं, वे असली लग सकते हैं क्योंकि उनके पास दस्तावेज पहचान संख्या (डीआईएन) है, ये डीआईएन संख्या डीजीजीआई ने जारी नहीं की है। बयान में कहा गया कि इस मुद्दे से निपटने के लिए डीजीजीआई गंभीरता से काम कर रहा है।
सीबीआईसी ने 05 नवंबर 2019 को दिनांकित सर्कुलर संख्या 122/41/2019-GST जारी किया था, जिसमें सीबीआईसी अधिकारियों द्वारा करदाताओं को भेजे जाने वाले संचारों पर डीआईएन (DIN, दस्तावेज़ पहचान संख्या) उपयोग करने के बारे में बताया गया है। करदाताओं की जागरूकता के लिए, यह याद दिलाया जाता है कि करदाता विभाग से किसी भी आधिकारिक संचार (समन सहित) की वास्तविकता की जांच सीबीआईसी की वेबसाइट पर “VERIFY CBIC-DIN” का उपयोग करके या Directorate of Data Management, CBIC के ऑनलाइन पोर्टल पर DIN Utility Search का उपयोग करके कर सकते हैं।
व्यक्तिगत करदाता, जिन्हें डीजीजीआई सीबीआईसी कार्यालयों से ऐसे समन प्राप्त हुए हैं, जो कि संदिग्ध या संभावित रूप से नकली लगते हैं, वे तुरंत संबंधित क्षेत्रीय डीजीजीआई/सीबीआईसी कार्यालय को भी सत्यापन के लिए संपर्क कर सकते हैं, जिस से इन छलपूर्ण गतिविधियों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
करदाता सीबीआईसी की वेबसाइट पर ‘सीबीआईसी-डीआईएन सत्यापन’ से या डेटा प्रबंधन निदेशालय (डीडीएम), सीबीआईसी के ऑनलाइन पोर्टल पर डीआईएन उपयोगिता सर्च से समन की वास्तविकता का पता लगा सकते हैं।