सनातन धम में अमावस्या और पूर्णिमा का बेहद ही खास महत्व रहता है। इनमें से कुछ पूर्णिमा को तो विशेष बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार इसमें पौष माह की पूर्णिमा शामिल है। पौष पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की विधि विधान से पूजा किया जाता है। इसके साथ ही इस दिन दान करना शुभ माना जाता है। वहीं ऐसा माना जाता है कि सुबह उठकर स्नान करने और सूर्य देव को अर्घ्य देने से भगवान प्रसन्न होते हैं और भगवान जी की कृपा बनी रहती है। जीवन में सुख समृद्धि के साथ सफलता प्राप्त होती है। चलिए आपको बताते हैं कि आखिर कौन से दिन ये पौष पूर्णिमा पड़ रहा है।
जानें कब है पौष पूर्णिमा?
पौष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को पौष पूर्णिमा कहते हैं. कई लोग पौष पूर्णिमा मनाने को लेकर बेहद कंफ्यूज में हैं कि पौष पूर्णिमा 24 जनवरी को है या 25 जनवरी को है। पंचांग के अनुसार पौष पूर्णिमा तिथि 24 जनवरी 2024 की रात 9 बजकर 24 मिनट से शुरू होकर अगले दिन यानी कि 25 जनवरी 2024 को रात 11 बजकर 23 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार पौष पूर्णिमा 25 जनवरी 2024 को मनाई जाएगी। इसी दिन व्रत रखा जाएगा और स्नान-दान किया जाएगा।
पूरी होती है मनोकामना
हर साल पौष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को पौष पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है। इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा की जाती है। ऐसा करने से व्यक्ति की सभी परेशानियां दूर हो सकती हैं और धन-संपत्ति में भी वृद्धि हो सकती है। इस दिन स्नान-दान करने का विशेष महत्व है। इससे व्यक्ति को पुण्य फल की प्राप्ति हो सकती है और व्यक्ति की मनोकामनाएं भी पूरी हो सकती है।
पौष पूर्णिमा पर लक्ष्मी प्राप्ति के उपाय
पौष पूर्णिमा पर व्रत रखना, शुभ मुहूर्त में पूजा करना चाहिए। साथ ही इस दिन पवित्र नदी में स्नान करना या उसके जल को नहाने के पानी में मिलाकर घर पर ही स्नान करना बहुत पुण्यदायी होता है। साथ ही जीवन में तरक्की पाने और लक्ष्मी जी की कृपा से अमीर बनने के लिए सुबह सूर्य देव को अर्घ्य दें। साथ ही शाम को माता लक्ष्मी की पूजा करके खीर का भोग लगाए। इसके अलावा चंद्र देव को भी दूध से अर्घ्य दें।


