राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में बेहद कम समय शेष बचा हुआ है। राम मंदिर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जिसके साथ ही प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम भी आयोजित होगा। इस प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में गर्भ ग्रह में रामलला की मूर्ति की स्थापना की जाएगी। राम मंदिर में गर्भग्रह में सोने के दरवाजे भी लगाए गए है।
जानकारी के मुताबिक गर्भ ग्रह में स्वर्ण जड़ित सभी 14 दरवाजे लगाए गए है। ये दरवाजे हैदराबाद की पुरानी कंपनी की स्पेशल सागवान की लकड़ी से बनाए गए है। इन दरवाजों पर सोने की परत चढ़ाई गई है। ये दरवाजे ही गर्भग्रह की शान बढ़ाएंगे। ये दरवाजे बेहद खास है क्योंकि इन पर दो हाथियों के अक्स को उकेरा गया है।
इस दरवाजे के ऊपरी हिस्से में महलनुमा आकृति भी बनी हुई है। इन दरवाजों के ऊपरी हिस्से में महलनुमा आकृति उकेरी गई है। इसमें दो सेवक हाथ जोड़कर खड़े हुए दिख रहे है।
मंदिर के प्रांगण में खास धूपबत्ती भी जलाई गई है, जो वड़ोदरा से मंगाई गई थी। इस धूपबत्ती को मंदिर तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महेंद्र नित्य गोपाल दास जलाएंगे। ये धूप बत्ती 108 फीट लंबी है जिसका वजन 3610 किलोग्राम है। इस धूपबत्ती की खासियत है कि ये बेहद बड़ी है, जिस कारण ये जलाए जाने के बाद डेढ़ महीने तक जलती रहेगी। इसको जलाए जाने के बाद इसकी खूशबू 50 किलोमीटर तक फैली रहेगी।
जानकारी के मुताबिक ये धूपबत्ती कई जड़ी बूटियों का उपयोग कर तैयार हई है। इस धूपबत्ती को खास रथ के वड़ोदरा से अयोध्या भेजा गया था।
इसके अलावा राम मंदिर में सोने का नगाड़ा भी रखा गया है। इसका वजन 500 किलोग्राम का है। इस नगाड़े को एक बार बजाने से इसकी आवाज की गूंज 1 किलोमीटर दूर तक फैलेगी।
इस नगाड़े को गुजरात में बनाया गया है। इसे गुजरात से अयोध्या तक खास रथ से लाया गया है। तांबे और लोहे के मिश्रण से तैयार किए गए इस नगाड़े की खासियत है कि इस पर धूप और बारिश का कोई असर नहीं पड़ेगा। यानी वर्षों तक ये नगाड़ा खराब नहीं होगा और ना ही सड़ेगा। वर्षों तक ये ऐसा ही बना रहेगा।


