वॉशिंगटन, अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के कुछ ठिकानों पर रक्षात्मक हमले किए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के केश्म द्वीप पर हमलों की पुष्टि की है। वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने सीमित हमलों की एक श्रृंखला के तहत द्वीप पर बमबारी की। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने भी केश्म द्वीप पर विस्फोटों की आवाजें सुने जाने की जानकारी दी।
एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि ईरान अमेरिकी संपत्तियों के खिलाफ सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा था और उन्हीं ठिकानों को निशाना बनाया गया। हालांकि, हमलों में हुए नुकसान और निशाना बनाए गए स्थानों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
ये हमले अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान से ठीक पहले हुए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले कह चुके हैं कि चुनाव से पहले ईरान पर हमले नहीं किए जाएंगे। ऐसे में केश्म द्वीप पर हुई कार्रवाई को लेकर अमेरिकी प्रशासन की पिछली घोषणा और मौजूदा घटनाक्रम के बीच अंतर चर्चा में है।
ईरान के खिलाफ जारी युद्ध और उसके कारण अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों तथा अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे असर को रिपब्लिकन पार्टी के लिए राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है। पार्टी अमेरिकी कांग्रेस में अपना नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
इस बीच, उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि उन्होंने ईरान के साथ बातचीत के संबंध में ट्रंप से चर्चा की है। वेंस के मुताबिक, राष्ट्रपति और उन्हें लगता है कि बातचीत के जरिए समझौते तक पहुंचने की अच्छी संभावना है।
वेंस ने पिछले सप्ताह ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई को पत्र भेजा था। व्हाइट हाउस ने पत्र की सामग्री के बारे में सीमित जानकारी दी है। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा था कि पत्र ईरान को चिकित्सा आपूर्ति और अन्य चीजों में मदद देने से संबंधित था। सोमवार को वेंस ने संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की संभावना बनी हुई है।