मध्यप्रदेश के देवास जिले में सोमवार तड़के 1,800 लीटर से ज्यादा अवैध शराब से भरे ट्रक के चालक ने फरार होने के दौरान पुलिस के एक थाना प्रभारी को रौंद दिया जिससे उसकी मौत हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि अवैध शराब की तस्करी की सूचना पर खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी इंदौर-बैतूल राजमार्ग पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने बताया कि पुरी ने जब ट्रक चालक से पूछताछ की, तो पुलिस से बचने के लिए उसने गाड़ी सड़क के डिवाइडर पर चढ़ाकर आगे बढ़ा दी जिससे वाहन का पिछला पहिया थाना प्रभारी के ऊपर से गुजर गया।
उन्होंने बताया कि इस घटना में पुरी गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
देवास के नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि खातेगांव थाना क्षेत्र में अवैध शराब की तस्करी की सूचना पर पुलिस के पांच दल बनाए गए थे जिनमें से एक दल का नेतृत्व पुरी कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि अपने शासकीय कर्तव्य का निर्वहन कर रहे पुरी की मौत को लेकर संबद्ध प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है और विस्तृत जांच की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शराब की तस्करी में इस्तेमाल ट्रक को जब्त किया गया है और इसमें 1,800 लीटर से अधिक अवैध शराब बरामद की गई है।
आबकारी विभाग की उप निरीक्षक पूजा गेहलोत ने बताया,‘‘घटना की जानकारी मिलने पर हम मौके पर पहुंचे और ट्रक की तलाशी ली। ट्रक के एक गुप्त कम्पार्टमेंट में शराब की पेटियां रखी थीं। उन्होंने बताया कि ट्रक में शराब परिवहन का कोई वैध परमिट नहीं मिला है और वाहन चालक घटना के बाद फरार हो गया जिसकी तलाश जारी है।
गेहलोत ने बताया कि घटनास्थल के पास के एक ढाबा संचालक और अन्य लोगों से पूछताछ में पता चला कि ट्रक रविवार रात से वहां खड़ा था।
उन्होंने बताया कि पूछताछ के लिए थाना प्रभारी के मौके पर पहुंचने पर चालक ने फरार होने के दौरान उन्हें रौंद दिया और वह तेज रफ्तार से सड़क का डिवाइडर पार करते हुए गाड़ी ले गया।
उप निरीक्षक ने बताया कि चालक घटनास्थल से कुछ दूर एक स्थान पर ट्रक खड़ा करके फरार हो गया। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच के अनुसार ट्रक हरदा की तरफ से आ रहा था और खातेगांव की ओर जा रहा था।
इस बीच, पुलिस निरीक्षक पुरी के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ के साथ राजकीय सम्मान से अंतिम विदाई दी गई।
ट्रक चालक द्वारा थाना प्रभारी को रौंदे जाने की घटना के बाद देवास जिला अवैध शराब के कारण फिर चर्चा में आ गया है।
जिले में पिछले दिनों ग्रामीणों ने कथित तौर पर जहरीली शराब से कम से कम 10 लोगों की मौत का दावा किया था। इस मामले में पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमें अवैध मदिरा के विक्रेताओं के साथ ही रसायन की आपूर्ति करने वाला एक कारोबारी और लाइसेंसी शराब दुकानों के कर्मचारी शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में से एक व्यक्ति ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से घर में शराब बनाने का तरीका खोजा और रसायन एवं पानी मिलाकर नकली शराब तैयार की जिसे अवैध तौर पर खासकर ग्रामीणों को बेचा गया।
देवास के कथित जहरीली शराब कांड में जिला आबकारी अधिकारी समेत आबकारी विभाग के तीन अफसरों को निलंबित किया गया था। इस बीच, प्रशासनिक फेरबदल के तहत जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का तबादला कर दिया गया था।