गोरखपुर जिले में एक निजी अस्पताल में मृत घोषित की गई 56 वर्षीय महिला घर पर अंतिम संस्कार की तैयारियों के दौरान अचानक खांसने लगीं। पारिवार के सदस्यों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
परिजन इसके बाद उन्हें तत्काल बीआरडी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले गए, जहां उनका इलाज जारी है। उन्होंने बताया कि बड़हलगंज थाना क्षेत्र के बेलवा दाखिली गांव की निवासी ललिता देवी को बीमार होने के बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
परिजनों के अनुसार, ललिता एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थीं और गांव के पास एक निजी चिकित्सक से उनका इलाज जारी था।
परिजनों ने बताया कि मंगलवार को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बड़हलगंज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने ब्रेन हैमरेज की आशंका जताते हुए उन्हें गोरखपुर ले जाने की सलाह दी।
ललिता के देवर चंद्रमौली यादव ने बताया कि गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में बुधवार को चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया और परिजनों से शव घर ले जाने को कहा।
गांव पहुंचने पर परिजनों ने अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दीं। बांस की अर्थी तैयार कर ली गई थी और महिलाएं अंतिम संस्कार की रस्में निभा रही थीं लेकिन इसी दौरान ललिता के मुंह में तुलसी का पानी डालते ही उन्हें खांसी आने लगी। परिजन उन्हें तुरंत बीआरडी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले गए।
इस मामले में अस्पताल की ओर से महिला की चिकित्सकीय स्थिति और उन्हें मृत घोषित किए जाने की परिस्थितियों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।