लखनऊ, उत्तर प्रदेश सरकार ने पट्टा विलेखों (Lease Deeds) पर लगने वाली रजिस्ट्रीकरण फीस की अधिकतम सीमा तय कर दी है। स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग ने 12 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की है।
प्रमुख सचिव अमित गुप्ता द्वारा जारी अधिसूचना संख्या 14/2026/1383/94-2-2026-700(62)/2023 के अनुसार, रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1908 की धारा 78-क के तहत राज्यपाल ने औसत वार्षिक किराये के आधार पर पट्टा विलेखों पर अतिरिक्त रजिस्ट्रीकरण फीस से छूट दी है।
यह छूट टोल पट्टा और खनन पट्टा पर लागू नहीं होगी।
सरकार द्वारा तय नई अधिकतम फीस इस प्रकार है —
1. औसत वार्षिक किराया 2 लाख रुपये तक होने पर –
– 01 वर्ष तक – 1,000 रुपये
– 01 वर्ष से अधिक 05 वर्ष तक – 2,000 रुपये
– 05 वर्ष से अधिक 10 वर्ष तक – 4,000 रुपये
2. 2 लाख से अधिक और 6 लाख रुपये तक होने पर –
– 01 वर्ष तक – 3,000 रुपये
– 01 से 05 वर्ष तक – 6,000 रुपये
– 05 से 10 वर्ष तक – 8,000 रुपये
3. 6 लाख से अधिक और 10 लाख तक होने पर –
– 01 वर्ष तक – 4,500 रुपये
– 01 से 05 वर्ष तक – 10,000 रुपये
– 05 से 10 वर्ष तक – 13,000 रुपये
4. 10 लाख रुपये से अधिक होने पर –
प्रथम 10 लाख पर क्रम संख्या 3 के अनुसार और शेष धनराशि पर सामान्य रजिस्ट्रीकरण फीस, दोनों का योग देय होगा। यह आदेश सरकारी गजट में प्रकाशित होने की तिथि से लागू होगा।
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