अयोध्या स्थित जेबी एकेडमी में प्रस्तावित ‘गरबा नाइट’ को लेकर अभिभावकों के बीच सवाल उठने लगे हैं। स्कूल की ओर से जारी कार्यक्रम के पोस्टर में 17 अक्टूबर 2026 को शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक ‘Garba Night’ आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है।
पोस्टर में छात्रों के लिए ₹200 प्रति व्यक्ति, स्टाफ के लिए परिवार सहित ₹200 और पूर्व छात्रों (Alumni) के लिए ₹200 प्रति व्यक्ति प्रवेश शुल्क निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम का आयोजन स्कूल ग्राउंड में प्रस्तावित बताया गया है।
कार्यक्रम के पोस्टर में छात्रों को आयोजन में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन कराने और शुल्क जमा करने के लिए क्यूआर कोड भी दिए गए हैं। साथ ही कार्यक्रम के लिए ‘Shuddh Desi Only’ ड्रेस कोड निर्धारित किया गया है। पोस्टर में गरबा नाइट को डांस, म्यूजिक और सेलिब्रेशन की शाम के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
इसी टिकट व्यवस्था को लेकर कुछ अभिभावकों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि स्कूल परिसर में विद्यार्थियों के लिए आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्रों से अलग से प्रवेश शुल्क लिया जाना किस व्यवस्था के तहत किया जा रहा है, यह स्पष्ट होना चाहिए।
अभिभावकों का सवाल है कि यदि कार्यक्रम स्कूल की गतिविधि का हिस्सा है तो इसके लिए विद्यार्थियों से अलग से ₹200 लेने का आधार क्या है और इस राशि का उपयोग किस मद में किया जाएगा।
जेबी एकेडमी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध विद्यालय है। CBSE के उपलब्ध संबद्धता नियमों में स्कूलों को सामुदायिक सेवा के रूप में संचालित करने और किसी भी तरह के व्यावसायीकरण से बचने की बात कही गई है।
जेबी एकेडमी की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार विद्यालय पहले भी गरबा नाइट का आयोजन कर चुका है। स्कूल की वेबसाइट पर 2025 में पहली बार गरबा नाइट आयोजित किए जाने और इसके आयोजन में वरिष्ठ छात्रों की भूमिका का उल्लेख किया गया है।
इस बार कार्यक्रम के पोस्टर में छात्रों के अलावा स्टाफ और एलुमनी के लिए भी अलग से प्रवेश शुल्क निर्धारित किया गया है। अभिभावकों की आपत्ति मुख्य रूप से इस बात को लेकर बताई जा रही है कि स्कूल के विद्यार्थियों से कार्यक्रम में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाना क्यों जरूरी है और इस राशि के संबंध में अभिभावकों को क्या जानकारी दी गई है।
मामले में अभिभावकों की ओर से स्कूल प्रबंधन से शुल्क की पूरी जानकारी, आयोजन का उद्देश्य, छात्रों की भागीदारी की प्रकृति और जमा की जाने वाली राशि के इस्तेमाल को स्पष्ट करने की मांग किए जाने की बात सामने आ रही है।
फिलहाल गरबा नाइट का आयोजन 17 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है। कार्यक्रम से पहले शुल्क को लेकर उठे सवालों पर स्कूल प्रबंधन की स्थिति सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में सांस्कृतिक गतिविधियां बच्चों के व्यक्तित्व विकास का हिस्सा हो सकती हैं, लेकिन ऐसे आयोजनों में शुल्क, पारदर्शिता और विद्यार्थियों की भागीदारी को लेकर स्पष्ट नियम और जानकारी भी जरूरी है।