अयोध्या, आगामी दुर्गापूजा और दशहरा उत्सव को देखते हुए अयोध्या में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ और निर्बाध बनाए रखने को लेकर सर्किट हाउस में केंद्रीय दुर्गापूजा एवं रामलीला समन्वय समिति तथा विद्युत विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई।
बैठक में पूजा स्थलों, रामलीला मैदानों, प्रमुख बाजारों और नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था से जुड़ी तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति की ओर से पर्व के दौरान विद्युत कटौती पूरी तरह बंद रखने के साथ ही जर्जर तारों और खंभों को बदलने, ट्रांसफार्मरों की ओवरहालिंग तथा आपात स्थिति के लिए पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए नगर विधायक अयोध्या वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि इस वर्ष पिछले वर्षों की अपेक्षा दुर्गापूजा और दशहरा उत्सव के दौरान विद्युत व्यवस्था को और बेहतर, मजबूत और स्थायी बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या भगवान श्रीराम की पावन धरती और देश की सांस्कृतिक राजधानी है। यहां रामलीला और मां दुर्गा की पूजा का आयोजन भव्य और दिव्य तरीके से होता है, इसलिए विद्युत व्यवस्था में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों से कहा कि आयोजकों को विद्युत संबंधी शिकायत का मौका न मिले, इसके लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से पूरी कर ली जाएं।
विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता ने समिति को भरोसा दिलाया कि इस वर्ष भी पिछले वर्ष की तुलना में विद्युत व्यवस्था को और सुदृढ़ रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से कई आवश्यक कार्य समय से पहले ही पूरे करा लिए गए हैं, जबकि शेष कार्यों को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
केंद्रीय समिति के जिलाध्यक्ष मनोज जायसवाल ने बैठक में मांग रखी कि 10 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक पूरे जनपद को शत-प्रतिशत विद्युत कटौती से मुक्त रखा जाए। उन्होंने कहा कि दुर्गापूजा, रामलीला और दशहरा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक विभिन्न आयोजन स्थलों पर पहुंचते हैं। ऐसे में विद्युत व्यवस्था में किसी तरह की बाधा से कानून-व्यवस्था और आयोजन दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
मनोज जायसवाल ने तहसील स्तर पर एक-एक मोबाइल ट्रांसफार्मर तैयार रखने, नगरीय क्षेत्रों और तहसील स्तर पर अलग-अलग विद्युत कंट्रोल रूम स्थापित करने तथा प्रमुख बाजारों और नगरीय क्षेत्रों में लगे ट्रांसफार्मरों की ओवरहालिंग कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग से संबंधित सभी समस्याओं का समाधान पर्व शुरू होने से पहले कर लिया जाना चाहिए। साथ ही उत्सव के लिए अलग नोडल अधिकारी नियुक्त करने की मांग भी रखी गई।
बैठक में विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता ने कहा कि विभाग का प्रयास रहता है कि पूरे जनपद में विद्युत आपूर्ति सुचारु बनी रहे। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस वर्ष भी पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा और उत्सव के दौरान विद्युत आपूर्ति को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
केंद्रीय समिति के संरक्षक एवं पालिकाध्यक्ष विजय गुप्ता ने भी विद्युत व्यवस्था को लेकर कई सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर स्ट्रीट वायर नहीं हैं, वहां आवश्यकतानुसार वायर लगाए जाएं। पोस्टमार्टम हाउस रोड पर केबल डालने और नगर में नीचे से सड़ चुके विद्युत खंभों की ग्राउटिंग कराने की मांग भी उन्होंने रखी।
बैठक का संचालन करते हुए समिति के संयोजक गगन जायसवाल ने कहा कि पिछले वर्ष विद्युत विभाग की व्यवस्था ठीक रही थी, लेकिन इस बार चुनौतियां और बड़ी हैं। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ को देखते हुए विद्युत व्यवस्था से जुड़ी सभी संभावित समस्याओं को पहले से चिन्हित कर उनका समाधान किया जाना जरूरी है।
केंद्रीय समिति में विद्युत विभाग के प्रभारी तारकेश्वर शर्मा ने नगर में लगे ट्रांसफार्मरों के चारों ओर मजबूत बैरिकेडिंग कराने, जर्जर विद्युत पोलों को बदलने और सभी विद्युत उपकेंद्रों पर आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि भीड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए खुले और जर्जर विद्युत ढांचे को समय रहते दुरुस्त किया जाना चाहिए।
बैठक में केंद्रीय समिति के जोनल प्रमुख राजेश श्रीवास्तव, राजेश जायसवाल राजू, अखिलेश पाठक, पवन निषाद, चंदन गुप्ता, अमित कनौजिया, विशाल गुप्ता वासु और चौक जोन से डॉ. अखिलेश वैश्य ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की विद्युत समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा।
केंद्रीय समिति के जिला प्रवक्ता केशव बिगुलर के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे मया बाजार के ध्रुव गुप्ता, गोसाईगंज के हेमंत गुप्ता, पूरा बाजार के प्रमोद कुमार सोनी और भदरसा के भगवती प्रसाद दयालु समेत अन्य प्रतिनिधियों ने भी पूजा स्थलों, रामलीला स्थलों और क्षेत्रीय विद्युत समस्याओं को बैठक में रखा।
बैठक में जर्जर विद्युत तारों और खंभों को बदलने, ट्रांसफार्मरों की ओवरहालिंग कराने, जरूरत के अनुसार उनकी क्षमता बढ़ाने तथा दुर्गापूजा और दशहरा उत्सव के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों और समिति पदाधिकारियों ने माना कि पर्व से पहले सभी जरूरी कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि आयोजन के दौरान किसी तरह की विद्युत समस्या सामने न आए।
बैठक में जेएन चतुर्वेदी, अतुल सिंह, रोहिताश्व चंद्र राजू, अंकुश गुप्ता, संजय श्रीवास्तव, अजय विश्वकर्मा, रविकांत आर्य, जनार्दन पांडेय, रंजीत शर्मा, देवेंद्र अग्रहरि, रामजी तिवारी, मुन्ना यादव, नागेंद्र पांडेय, पंकज सनाढ्य, अंश गुप्ता और दीपक रमानी समेत केंद्रीय समिति के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। विद्युत विभाग के विभिन्न अधिशासी अभियंता और अवर अभियंता भी बैठक में उपस्थित रहे।