अयोध्या, तहसील रुदौली में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस जिलाधिकारी अयोध्या शशांक त्रिपाठी और विधायक रामचंद्र यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। समाधान दिवस में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों ने अपनी समस्याओं और शिकायतों से संबंधित कुल 181 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए, जिनमें से 23 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसका गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। जिन मामलों में स्थलीय जांच आवश्यक हो, संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर जांच करें और वास्तविक स्थिति के आधार पर कार्रवाई करें।
डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में महज औपचारिकता न बरती जाए। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक और संतोषजनक समाधान किया जाना चाहिए। राजस्व और भूमि विवाद से जुड़े मामलों में राजस्व तथा पुलिस विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय से कार्रवाई करें। उन्होंने निस्तारण प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
समाधान दिवस में सोफियाना पूर्वी मोहल्ला निवासी सभासद प्रतिनिधि मकसूद आलम नूरी ने हाजी गुलाम दस्तगीर कॉलोनी में मानक के विपरीत बिजली कनेक्शन दिए जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि लकड़ी के बांस-बल्ली के सहारे बिजली कनेक्शन दिया गया है और नीचे लटक रही केबल से राहगीरों, स्कूली वाहनों तथा पैदल आने-जाने वाले बच्चों की जान को खतरा बना हुआ है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बिजली विभाग के एक्सईएन रोहित जैन को कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने रुदौली नगर के जेई रितेश वर्मा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही एक्सईएन को मामले की तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा।
वहीं ग्राम गोगावां निवासी विक्रम पाल सिंह ने बार-बार गलत रिपोर्ट भेजकर शिकायतों के फर्जी निस्तारण का आरोप लगाते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि 5 मई 2026, 26 मई 2026 और 8 सितंबर 2026 को तहसीलदार न्यायालय रुदौली में निर्णीत वाद संख्या 51/278/238/120/2001 के 30 सितंबर 2002 के आदेश का अनुपालन कराने के लिए प्रार्थना की गई थी। उनका आरोप है कि मामले में गलत आख्या संलग्न कर शिकायत का फर्जी निस्तारण कर दिया गया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समय सीमा के भीतर निस्तारण नहीं होने वाली शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाए। लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को निस्तारण की कार्रवाई से अवगत कराया जाए और शासन की मंशा के अनुरूप जनसुनवाई को प्रभावी एवं परिणामपरक बनाया जाए।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में उपजिलाधिकारी रुदौली विनोद कुमार गुप्ता, उपजिलाधिकारी न्यायिक लखन सिंह राजपूत, तहसीलदार रुदौली विजय कुमार गुप्ता, तहसीलदार न्यायिक विजय प्रकाश तिवारी, नायब तहसीलदार प्रतीक श्रीनेत, सीओ रुदौली अरविंद सोनकर, बीडीओ अखिलेश गुप्ता समेत विभिन्न विभागों के जनपदीय अधिकारी मौजूद रहे।