नागोया, भारत के सुनील कुमार ने एशियाई खेलों में ग्रीको-रोमन कुश्ती में लगातार दूसरी बार कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने बुधवार को पुरुषों के 87 किलोग्राम वर्ग के कांस्य पदक मुकाबले में फिलीपींस के रॉबर्ट्स कैलम जॉनस्टन को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराया।
इस उपलब्धि के साथ सुनील कुमार दो एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारत के पहले ग्रीको-रोमन पहलवान बन गए हैं।
सुनील ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी का दाहिना हाथ नियंत्रित करते हुए अंक हासिल किए और 4-0 की बढ़त बना ली। इसके बाद ‘पार टेरे’ स्थिति में लगातार दबाव बनाते हुए उन्होंने मुकाबला तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर अपने नाम कर लिया।
हरियाणा के 27 वर्षीय सुनील इससे पहले हांगझोउ में 2023 में भी 87 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीत चुके हैं। इस बार सेमीफाइनल में उन्हें जापान के ताइजो योशिदा के खिलाफ तकनीकी श्रेष्ठता से हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्होंने कांस्य पदक मुकाबले में वापसी की।
सुनील ने पदक जीतने के बाद कहा कि वह खुश हैं, लेकिन पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने सेमीफाइनल में जापानी पहलवान के खिलाफ अपनी रणनीति में हुई गलती को हार की वजह बताया।
वहीं, महिला वर्ग के 68 किलोग्राम में भारत की निशा दहिया को एक बार फिर उत्तर कोरिया की सोल गुम पाक के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। निशा ने मुकाबले में 2-0 की बढ़त बनाई थी, लेकिन पाक ने चार अंकों का दांव लगाकर पहले पीरियड में 4-2 की बढ़त हासिल कर ली। दूसरे पीरियड में निशा ने स्कोर 4-4 से बराबर किया, लेकिन इसके बाद कोई और अंक नहीं बना। बड़े दांव के आधार पर पाक को विजेता घोषित किया गया।
पाक के फाइनल में पहुंचने के बाद निशा को रेपेचेज के जरिए वापसी का मौका मिला, लेकिन दक्षिण कोरिया की पार्क ह्योनयोंग के खिलाफ वह ‘फॉल’ से हार गईं। इसके साथ ही उनका एशियाई खेलों का अभियान समाप्त हो गया।