अयोध्या, पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती, अयोध्या जिले की हजारों महिलाओं ने रविवार को आयोजित साक्षरता परीक्षा में शामिल होकर इसे साबित कर दिया। नव भारत साक्षरता कार्यक्रम ‘उल्लास’ के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में साक्षरता कक्षाओं से जुड़ी महिलाओं ने मूल्यांकन परीक्षा दी।
जिले में इस अभियान से जुड़ी महिलाओं की संख्या करीब 40 हजार के आसपास बताई जा रही है, हालांकि पूरे जिले का अंतिम आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।
परीक्षा को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। साक्षरता कक्षाओं में महिलाओं को हिंदी वर्णमाला, पढ़ना-लिखना, शब्द ज्ञान, गिनती और रोजमर्रा के जीवन में काम आने वाले जरूरी ज्ञान का अभ्यास कराया गया। इसके बाद रविवार को परीक्षा के माध्यम से उनके सीखने का मूल्यांकन किया गया।
अयोध्या के तारुन ब्लॉक में ही करीब 3,400 महिलाओं ने परीक्षा में हिस्सा लिया। यहां 109 परिषदीय विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा से पहले शुक्रवार और शनिवार को महिलाओं को परीक्षा की तैयारी भी कराई गई। विभिन्न विद्यालयों में उन्हें हिंदी वर्णमाला, शब्द ज्ञान और गिनती का अभ्यास कराया गया।
परीक्षा में शामिल महिलाओं ने बताया कि पढ़ना-लिखना सीखने के बाद उन्हें अपने बच्चों की पढ़ाई में मदद करने के साथ बैंकिंग, हिसाब-किताब और जरूरी दस्तावेज समझने में भी आसानी हो रही है। कई महिलाओं के लिए यह परीक्षा इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने उम्र के एक पड़ाव के बाद दोबारा पढ़ाई शुरू की है।
‘उल्लास’ कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे लोगों को बुनियादी शिक्षा से जोड़ना है, जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा हासिल नहीं कर सके। कार्यक्रम के तहत पढ़ने-लिखने और अंक ज्ञान के साथ जीवन कौशल से जुड़ी जानकारी भी दी जाती है।