लखनऊ, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे पर दिए गए बयानों का संज्ञान लेते हुए बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि संघ की कथनी और करनी में भारी अंतर है।
पार्टी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी की किसी भी बड़ी जिम्मेदारी से दूर रखने का फैसला करते हुए उनसे (आकश से) और अधिक परिपक्व होने की अपेक्षा की।
उन्होंने कांशीराम के सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा, ‘‘जिस तरह बसपा संस्थापक ने अपने परिवार एवं रिश्तेदारों को केवल पार्टी के कामकाज की इजाजत दी थी, लेकिन उन्हें चुनाव लड़ाने या सरकार बनने पर कोई भी पद देने के वह खिलाफ थे, ठीक उसी सिद्धांत पर अमल करते हुए मैंने भी अपने भतीजे को पार्टी का कामकाज सौंपा है, लेकिन उन्हें (आकाश को) अभी और परिपक्व होने की जरूरत है तथा तब तक उन्हें पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं होगा।
बयान के अनुसार, अब बसपा ने पूरे देश में सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले ही लड़ने का फैसला लिया है।
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बृहस्पतिवार को यहां पार्टी की अखिल भारतीय स्तर की हुई बैठक में पार्टी से संबंधित पिछले कार्यो की समीक्षा करके खामियों को दूर करने तथा भविष्य के लिए पार्टी के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों को दिये गये ज़रूरी दिशा-निर्देशों का पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ अनुपालन करने की भी सख़्त हिदायत दी।
बयान के मुताबिक, संघ प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे पर दिए गए बयानों पर मायावती ने कहा, …‘बहुजन समाज’ के करोड़ों लोगों के वास्तविक हित, कल्याण और उनके आरक्षण के संवैधानिक अधिकार के साथ-साथ महिलाओं, मुस्लिम एवं अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के जान-माल और मजहब की सुरक्षा एवं सम्मान आदि के मामलों में आरएसएस की कथनी एवं करनी में जमीन-आसमान का भारी अन्तर होने के कारण ही उनमें विश्वसनीयता का अभाव है।
उन्होंने कहा कि आरएसएस काफी पुराना संगठन होने के बावजूद वह मान्यता अथवा सम्मान अर्जित नहीं कर पाया जो वे (संघ के लोग) चाहते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आरएसएस, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के मानवतावादी, कल्याणकारी एवं समतामूलक संविधान में अपनी पूरी आस्था एवं निष्ठा रखते हुए उसपर खुद ईमानदारी से अमल करें और उसी के अनुरूप अपने लोगों को भी उसपर अमल करने को बाध्य करें तो यह पूरी तरह से देश एवं जनहित में होगा।’’
पूरे देश में अकेले चुनाव लड़ने की बात दोहराते हुए मायावती ने कहा, ‘‘अन्य पार्टियों की तरह कांग्रेस भी हर मामले में जबरदस्त दलित एवं आंबेडकर विरोधी पार्टी है, जिसका इतिहास किसी से छिपा नहीं है। ऐसी स्थिति में अब बसपा ने पूरे देश में सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले ही लड़ने का फैसला लिया है।’’
बैठक में भतीजे आकाश आनंद को लेकर भी मायावती ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आकाश को पार्टी में काम करने की अनुमति है, लेकिन फिलहाल उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी नही दी जायेगी।आकाश पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक हैं।
मायावती ने एक बार फिर बहुजन समाज के हितों और शोषित वर्ग को सत्ता में लाने के अपने मिशन को पार्टी की प्राथमिकता बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस लक्ष्य को पाने के लिए सत्ता हासिल करना जरूरी है।