नई दिल्ली, बाजार में बढ़ती ऑर्गेनिक खाद्य उत्पादों की मांग के बीच भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने उपभोक्ताओं को सावधान किया है। प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि जैविक खाद्य पदार्थ खरीदते समय केवल पैकेट पर लिखे ‘ऑर्गेनिक’ या ‘नेचुरल’ शब्दों पर भरोसा न करें, बल्कि उसके प्रमाणन और जरूरी लोगो की भी जांच करें।
FSSAI के मुताबिक, प्रमाणित जैविक खाद्य उत्पादों की पहचान के लिए पैकेट पर ‘जैविक भारत’ (Jaivik Bharat) का लोगो देखना चाहिए। इसके साथ उत्पाद पर संबंधित जैविक प्रमाणन प्रणाली का लोगो और लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन संबंधी जानकारी भी मौजूद होनी चाहिए।
भारत में जैविक उत्पादों के प्रमाणन के लिए मुख्य रूप से NPOP यानी National Programme for Organic Production और PGS-India यानी Participatory Guarantee System for India की व्यवस्था है। NPOP के तहत प्रमाणन बड़े स्तर पर होने वाले जैविक उत्पादन और व्यावसायिक गतिविधियों में अधिक इस्तेमाल होता है, जबकि PGS-India मुख्य रूप से स्थानीय किसानों और छोटे उत्पादक समूहों के लिए सहभागी प्रमाणन व्यवस्था है।
FSSAI ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि किसी भी जैविक खाद्य पदार्थ को खरीदने से पहले पैकेट के आगे और पीछे दी गई जानकारी को ध्यान से पढ़ें। उत्पाद पर FSSAI लाइसेंस नंबर, जैविक प्रमाणन से जुड़ी जानकारी और संबंधित लोगो की मौजूदगी की जांच करना जरूरी है।
प्राधिकरण के अनुसार, केवल ‘ऑर्गेनिक’ या ‘जैविक’ लिखे होने से किसी उत्पाद को प्रमाणित जैविक नहीं माना जाना चाहिए। उपभोक्ताओं को बिना उचित प्रमाणन वाले उत्पादों से सावधान रहना चाहिए।
FSSAI की यह जागरूकता पहल उपभोक्ताओं को भ्रामक दावों और गैर-प्रमाणित जैविक उत्पादों से बचाने के साथ-साथ खाद्य बाजार में पारदर्शिता और सुरक्षित खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण है।