लखनऊ, उत्तर प्रदेश के प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) सरकारी व सहायता प्राप्त विद्यालयों में पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के अनुपालन में बेसिक शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों के लिए अनिवार्य ‘विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा’ (Special TET) आयोजित करने की कार्ययोजना तैयार कर ली है।
उच्चतम न्यायालय ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत सभी शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। न्यायालय ने सेवा में बने रहने और भविष्य में पदोन्नति (Promotion) के लिए टीईटी अर्हता को अनिवार्य शर्त बताया है। इसी निर्देश के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने इन शिक्षकों के लिए एक विशेष टीईटी परीक्षा कराने की रूपरेखा अंतिम रूप से तैयार कर ली है।
विशेष टीईटी का प्रारूप सामान्य टीईटी परीक्षा के समान ही रखा गया है। यह परीक्षा कुल 150 अंकों की होगी, जिसमें 150 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) पूछे जाएंगे। अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए 2 घंटे 30 मिनट (150 मिनट) का समय मिलेगा।
प्रदेश के परिषदीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत ऐसे सभी शिक्षक, जिन्होंने अभी तक टीईटी पास नहीं किया है, उन्हें इस निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा में शामिल होकर इसे उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से विशेष टीईटी के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, विस्तृत समय-सारणी (Exam Schedule), पात्रता नियम और अन्य जरूरी दिशा-निर्देश जल्द ही आधिकारिक पोर्टल पर जारी कर दिए जाएंगे।
विभाग इस परीक्षा का आयोजन जल्द से जल्द कराने की तैयारी में जुटा है ताकि सुप्रीम कोर्ट की तय समय-सीमा के भीतर सभी कार्यरत शिक्षक अपनी पात्रता सुनिश्चित कर सकें।