अयोध्या, भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी के स्वागत समारोह के दौरान रौनाही टोल प्लाजा पर लोगों की जेब से रुपये और मोबाइल चोरी करने वाले कथित गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है।
रौनाही थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से 47 हजार 300 रुपये, तीन मोबाइल फोन और एक आधार कार्ड बरामद किया गया है। चोरी में इस्तेमाल की गई अपाचे मोटरसाइकिल संख्या UP32 JA 2195 को भी पुलिस ने सीज कर दिया है।
मामला 31 अगस्त 2026 का है। भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय महामंत्री एवं पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी के अयोध्या आगमन पर रौनाही टोल प्लाजा के पास भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय लोग पहुंचे थे। बारिश के बावजूद स्वागत समारोह में भारी भीड़ जुटी थी और काफी देर तक टोल प्लाजा के आसपास लोगों की आवाजाही बनी रही।
पुलिस के अनुसार, इसी भीड़ का फायदा उठाकर एक गिरोह के सदस्य लोगों के बीच शामिल हो गए। आरोप है कि भीड़ में धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी के बीच आरोपियों ने लोगों की जेब से रुपये और मोबाइल फोन निकाल लिए। स्वागत कार्यक्रम समाप्त होने के बाद पीड़ितों को चोरी की जानकारी हुई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
रौनाही थाना पुलिस ने मामले की जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही पुलिस ने स्थानीय स्तर पर मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया। पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई और इसके बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय निषाद, बाबू अफताब और छोटू गौड़ के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से चोरी की रकम के अलावा तीन मोबाइल फोन और एक आधार कार्ड बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों द्वारा वारदात में इस्तेमाल की जा रही अपाचे मोटरसाइकिल को भी कब्जे में लेकर सीज कर दिया गया है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह अकेले काम नहीं कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, मामले में चार अन्य आरोपी वांछित हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने इससे पहले भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और गिरोह के अन्य सदस्य कौन-कौन हैं। पुलिस के अनुसार, फरार चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क के बारे में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।