गुजरात अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने असम से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर देशभर में ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ समेत 1,090 साइबर अपराधों में शामिल था।
पुलिस के अनुसार, इन मामलों में लोगों से 1,071.5 करोड़ रुपये की ठगी की गई और आरोपी के चीन स्थित साइबर अपराधियों से भी संबंध थे।
पुलिस ने सोमवार को बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपी रफीकुल आलम (25) देशभर के 1,758 बैंक खातों में ठगी की रकम भेजने और उसे क्रिप्टो करेंसी में बदलकर चीन भेजने का ‘मुख्य सूत्रधार’ था।
पुलिस के अनुसार, वह व्हाट्सऐप और टेलीग्राम के जरिए चीन में मौजूद अपराधियों के संपर्क में था।अपराध जांच विभाग की साइबर शाखा ने आरोपी को असम के बारपेटा से गिरफ्तार किया।
सीसीई ने कहा, ‘‘तकनीकी विश्लेषण और पीड़ितों के बयानों के आधार पर सीसीई की एक टीम बारपेटा शहर पहुंची और धनशोधन गिरोह के मुख्य आरोपी के घर की तीन दिन तक गुप्त रूप से रेकी की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया और उसके पास से तकनीकी उपकरण बरामद किए गए।’’
पुलिस ने बताया कि आरोपी ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ और अन्य साइबर धोखाधड़ी के जरिए मिली रकम को अलग-अलग बैंक खातों में भेजता था। वह ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर चीन भी भेजता था।
सीआईडी ने बताया, आरोपी देशभर में कुल 1,090 साइबर अपराधों में शामिल रहा है, जिनमें 1,071.5 करोड़ रुपये की रकम शामिल है। उसके मोबाइल फोन में गेमिंग खातों से जुड़े लेनदेन भी मिले हैं।
एक अलग मामले में अहमदाबाद के एक बुजुर्ग के बैंक खाते के तकनीकी विश्लेषण से सीसीई की टीमों को ऐसे 10 लोगों को ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ का शिकार होने से बचाने में मदद मिली। टीमों ने उनके घर जाकर उन्हें परामर्श दिया।
बुजुर्ग को धमकी दी गई थी कि अगर उसने साइबर ठगों को 20 लाख रुपये नहीं दिए तो उसे बाल अश्लील सामग्री से जुड़े मामले में फंसा दिया जाएगा। सीसीई की टीम ने उसे परामर्श देकर ठगी का शिकार होने से बचाया।










