अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव ने यहां एक बैंक लॉकर में रखे करोड़ों रुपये के सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं के साथ-साथ उनसे जुड़े रिकॉर्ड की समीक्षा की। मंदिर के सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन सोमवार की शाम अयोध्या में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा गए और देर रात तक वहां रुके। उन्होंने बताया कि इस दौरान कीमती सामान की सूची तैयार की गई और बैंक लॉकर में जमा सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं की तस्वीरें ली गईं।
सूत्रों ने बताया कि कृष्ण मोहन पिछले तीन दिनों से ट्रस्ट के खाता-बही और अन्य रिकॉर्ड की जांच-पड़ताल में लगे हुए थे, जिसके बाद कोष और कीमती धातुओं की अंतिम सूची तैयार की गयी।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर बनाई गई नयी विशेष अन्वेषण टीम (एसआईटी) के मंगलवार को अपना काम फिर से शुरू करने की उम्मीद है।
कृष्ण मोहन ने बैंक के अपने दौरे के बारे में मीडिया के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।
हालांकि राम मंदिर में व्यवस्थाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, आप आएं, दर्शन करें और खुद देखें… अगर कोई कमी हो, तो हमें बताएं।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला जून के पहले सप्ताह में सामने आया था जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने आरोपों की जांच के लिए 13 जून को एक विशेष अन्वेषण टीम (एसआईटी) का गठन किया और शुरू में जांच के लिए 15 दिन का समय दिया।
एसआईटी ने 23 जून को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी जिसके बाद, 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई और आठ आरोपियों – अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को गिरफ्तार किया गया।










