अमेरिकी सुरक्षा बलों ने ईरान के 80 से अधिक स्थानों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में किए गए। अमेरिकी मध्य कमान (सेंटकॉम) ने एक्स पर इसकी पुष्टि की।
सेंटकॉम के मुताबिक, 7 जुलाई को ईरान के खिलाफ आक्रामक हमलों का नया दौर पूरा किया गया। सुरक्षा बलों ने सटीक हथियारों से 80 से अधिक ईरानी लक्ष्यों को निशाना बनाया। ईरान की वायु रक्षा प्रणालियां, कमांड और नियंत्रण नेटवर्क, तटीय रडार साइटें, जहाज-रोधी मिसाइल क्षमताएं और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की 60 से अधिक छोटी नावों पर हमला किया गया।
ईरान के हमलों के बाद अमेरिका ने तेहरान पर नए प्रतिबंध लगा दिए। 17 जून के अंतरिम शांति समझौते के तहत दी गई ईरानी तेल बिक्री की छूट तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है। होर्मुज के पास जहाजों पर हमलों के बाद ईरानी तेल निर्यात पर भी फिर से पाबंदियां लगा दी गई हैं।
ईरान ने इन हमलों की निंदा की है और जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया। तेहरान का कहना है कि अमेरिका ने लाइसेंस रद्द करके समझौते (MOU) का उल्लंघन किया है।
ये हमले ऐसे वक्त में हुए जब ईरान दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटा है। शोक अवधि के दौरान हमलों के खिलाफ पहले से चेतावनी जारी की गई थी। खामेनेई का पार्थिव शरीर इराकी शहर नजफ ले जाया गया।
इराक के नजफ में मौजूद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान अमेरिकी हमलों की सूचना मिलते ही स्वदेश रवाना हो गए। ईरान की सरकारी मीडिया (आईआरआईबी और इरना) के अनुसार, पेजेश्कियान बुधवार तड़के नजफ से तेहरान के लिए रवाना हुए।
खामेनेई का अंतिम संस्कार गुरुवार को मशहद में होगा। राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने इराकी सरकार और जनता का खामेनेई के श्रद्धांजलि समारोह की मेजबानी के लिए आभार जताया। उन्होंने दोनों देशों के गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों पर जोर दिया।
अरब न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों से 28 फरवरी से चली आ रही लड़ाई को समाप्त करने वाली शांति वार्ताओं में नई मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। अल जजीरा के अनुसार, दक्षिणी ईरान के सिरिक, केशम और बंदर अब्बास क्षेत्रों में धमाकों की खबर है।
सेंटकॉम ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में जहाजों पर हमला करने की ईरान को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नाटो नेताओं ने अंकारा में होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर चर्चा की।फिलहाल स्थिति ऐसी बन गई है कि क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और दोनों पक्ष आगे की कार्रवाइयों पर नजर रखे हुए हैं।










