रुदौली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सरांय अहमद निवासी प्रवासी श्रमिक गैस राम रावत के परिवार की मदद के लिए रुदौली विधायक रामचंद्र यादव आगे आए हैं। उन्होंने मृतक की पत्नी को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है।
अयोध्या, रुदौली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सरांय अहमद निवासी प्रवासी श्रमिक गैसराम रावत का पार्थिव शरीर करीब 30 दिनों की लंबी कागजी प्रक्रिया और प्रयासों के बाद सऊदी अरब से उनके पैतृक गांव पहुंच गया।
जानकारी के अनुसार, गैसराम रावत सऊदी अरब के अरार शहर में बकरी चराने का काम करते थे। लगभग एक महीने पहले उनकी तबीयत बिगड़ने पर उनके कफील ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान उनकी हालत गंभीर हो गई और वे कोमा में चले गए। इसके बाद उन्हें अरार के अस्पताल में भर्ती रखा गया, जहां 26 मई को उनकी मृत्यु हो गई।
मृत्यु के करीब एक सप्ताह बाद परिवार को इसकी जानकारी मिली। सूचना मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार की एकमात्र इच्छा थी कि किसी तरह गैसराम रावत का पार्थिव शरीर भारत लाया जाए ताकि अंतिम दर्शन के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जा सके। इसके लिए परिजनों ने कई जगह गुहार लगाई, लेकिन शुरुआती दिनों में उन्हें कोई सहायता नहीं मिल सकी।
इसी बीच समाजसेवी अब्बास अली रुश्दी मियां ने पहल करते हुए अपने निजी खर्च पर शव को सऊदी अरब से भारत लाने का प्रयास शुरू किया। लगातार संपर्क, आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया और सऊदी अधिकारियों के सहयोग से आखिरकार करीब 30 दिनों बाद गैसराम रावत का पार्थिव शरीर लखनऊ हवाई अड्डे तक पहुंचाया जा सका।
अब्बास अली रुश्दी मियां स्वयं पार्थिव शरीर को लेकर मृतक के पैतृक गांव सरांय अहमद पहुंचे, जहां परिजनों ने नम आंखों से अंतिम दर्शन किए। इसके बाद पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
इस दौरान मृतक के बड़े पुत्र सुखनंदन रावत सहित मायाराम रावत, ज्वाला रावत एडवोकेट, राजित राम रावत, फरीद अहमद बाबा, कमलेश यादव, अमरनाथ यादव, निर्मल यादव, सुरजीत चौहान, इकबाल अहमद, साजिद राइन समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और शुभचिंतक मौजूद रहे।










