बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के तुरंत बाद बुधवार को सम्राट चौधरी मुख्य सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) पहुंचे और औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया।
कार्यालय पहुंचने पर वहां पहले से मौजूद अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के नेतृत्व में पूरी प्रशासनिक टीम उपस्थित थी। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद चौधरी ने पदभार संभाल लिया।
इस दौरान उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए और वरीय अधिकारियों के साथ राज्य के विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों पर बैठक की।
4वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने लोकभवन के राजेंद्र मंडपम में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं। राज्य के इतिहास में यह पहली बार है जब भाजपा के किसी नेता ने मुख्यमंत्री पद संभाला है।
सम्राट चौधरी के अलावा जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
सम्राट चौधरी ने शपथ लेते ही कई अहम राजनीतिक उपलब्धियां अपने नाम दर्ज की हैं। वह बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने हैं। इसके साथ ही वह उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं, जो उपमुख्यमंत्री पद से सीधे मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे हैं।
करीब 59 वर्षों बाद यह उपलब्धि दोहराई गई है। इससे पहले 1967 में उपमुख्यमंत्री बने जननायक कर्पूरी ठाकुर ने 1977 में मुख्यमंत्री पद संभाला था।
सम्राट 2017 में भाजपा में शामिल हुए। छह वर्षों के भीतर वह राज्य इकाई के शीर्ष नेता बन गए और मंगलवार को उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया।




