लखनऊ, उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय का मानदेय 18,000 रुपये करने का ऐलान किया है। अभी तक शिक्षामिक्षों को 10,000 रुपये मानदेय मिलता था।
वहीं, योगी सरकार ने अनुदेशक का मानदेय बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया है। बता दें, शिक्षामित्रों के मानदेय को लेकर काफी दिनों से मांग हो रही थी। शिक्षामित्रों के बढ़ा हुआ मानदेय अप्रैल से मिलेगा।
शिक्षामित्रों को अभी 10,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। योगी सरकार के इस फैसले के बाद उन्हें सीधे 8,000 रुपये की बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। इसी तरह, अनुदेशकों को अब तक करीब 9,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता रहा है, जिसे बढ़ाकर 17,000 रुपये किया जा रहा है. यानी उन्हें भी 8,000 रुपये तक की वृद्धि का लाभ मिलेगा।
आज हम घोषणा कर रहे हैं कि,
अप्रैल से हम शिक्षामित्रों को ₹18,000 देंगे और अनुदेशक ₹17,000 पाएगा… pic.twitter.com/uoUNxLwwNH
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 20, 2026
उत्तर प्रदेश में करीब 1.50 लाख से अधिक शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इसके अलावा लगभग 25,000 के आसपास अनुदेशक अलग-अलग परिषदीय विद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं। इस फैसले से करीब 1.75 लाख कर्मियों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है।
विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पहली बार कोई मुख्यमंत्री 10वीं बार बजट पेश कर रहा है। उन्होंने बताया कि 31 मार्च को नया बजट आने के बाद सभी विभाग अपनी कार्य योजना तैयार करेंगे और उसे प्रस्तुत करेंगे।
मुख्यमंत्री ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016-17 में राजकोषीय घाटा 4 प्रतिशत से ज्यादा था, जो अब घटकर 2 प्रतिशत से थोड़ा ज्यादा रह गया है। साथ ही सरकार कर्ज को कम करके 23 प्रतिशत तक लाने की दिशा में काम कर रही है, जो वर्तमान में 27 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि 2017 में सरकारी आय 43 हजार करोड़ थी, जो अब बढ़कर 1 लाख करोड़ के पार पहुंच गई है।



