ओडिशा के भद्रक जिले में एक श्मशान घाट से कथित तौर पर पांच ग्रामीणों के शव गायब किए जाने का मामला सामने आया है। इसके बाद अधिकारियों ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
पुलिस ने बताया कि तटीय जिले के भंडारीपोखरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत बैतरणी नदी के किनारे स्थित मणिनाथपुर गांव के श्मशान घाट में बृहस्पतिवार रात को शव गायब पाए गए।
भंडारीपोखरी थाने की प्रभारी निरीक्षक (आईआईसी) राजलक्ष्मी नायक ने कहा, ‘मुझे रविवार को मणिनाथपुर गांव के ग्रामीणों से गांव के श्मशान घाट से पांच शवों के गायब होने की शिकायत मिली है।’
नायक के अनुसार, गायब किए गए शव खगेश्वर सामल, हताबंधु बेउरिया, कार्तिक नायक, सरस्वती बेहरा और कालंदी बेहरा के थे। उन्होंने बताया कि इन सभी की मौत पिछले दो महीनों में हुई थी।
बैतरणी नदी के किनारे स्थित स्वर्गद्वार नामक श्मशान घाट में अंतिम संस्कार की विधियों के बाद पारंपरिक रूप से शवों को दफनाया जाता है।
हालांकि, गांव में यह पहली ऐसी घटना नहीं है। सोलमपुर पंचायत के परमानंद नायक ने बताया कि 2016 में ग्रामीणों ने पाया था कि एक बच्चे का शव उसकी मृत्यु के दो महीने बाद मिट्टी खोदकर निकाला गया था। उसी वर्ष अनाम बेहरा का शव भी निकाला गया था।
उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में मारे गए बसंत दास और प्रधानाध्यापक बसुदेव दास के शव अगले वर्ष श्मशान घाट से गायब किये गए थे। जून 2023 में तीन और शव गायब पाए गए थे जिसके बाद ग्रामीणों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
ग्रामीणों को संदेह है कि शवों को तंत्र-मंत्र संबंधी अनुष्ठानों, वैज्ञानिक प्रयोगों या किसी अन्य उद्देश्य के लिए चुराया गया होगा।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अब तक दर्ज की गई शिकायतों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया है।
भद्रक एसपी मनोज राउत ने भंडारीपोखरी थाने के प्रभारी अधिकारी को शवों के बार-बार गायब होने की घटना की जांच करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘भंडारीपोखरी थाने के आईआईसी को घटनाओं की जांच करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।



