हरियाणा के फरीदाबाद की नीमका जेल में आतंकवाद से जुड़े मामले में बंद आरोपी अब्दुल रहमान की हत्या के बाद राज्य सरकार ने जेल अधीक्षक और जेल सुरक्षा प्रभारी पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) को निलंबित कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, जेल अधीक्षक हरेंद्र कुमार और डीएसपी सचिन कौशिक को रहमान (20) की हत्या के मामले में निलंबित कर दिया गया।
रहमान अयोध्या में विस्फोट की साजिश रचने के आरोप में जिला जेल में बंद था।
नारनौल जेल के अधीक्षक संजय बांगर को नीमका जेल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है और उन्होंने बृहस्पतिवार को कार्यभार संभाल लिया।
संपर्क करने पर जेल महानिदेशक आलोक मित्तल ने जेल के दो वरिष्ठ अधिकारियों के निलंबन की पुष्टि की।
उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर निवासी रहमान की सोमवार तड़के कथित तौर पर अरुण चौधरी उर्फ अबू जाट ने नुकीले पत्थर से हमला कर हत्या कर दी थी।
अयोध्या में राम मंदिर को लेकर हुए विवाद के बाद जम्मू निवासी अरुण ने रहमान की हत्या कर दी।अरुण और रहमान दोनों एक ही बैरक में बंद थे।
रहमान को मार्च 2025 में गुजरात आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने गिरफ्तार किया था। उसके संबंध ‘अलकायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट’ (एक्यूआईएस) के कुख्यात सदस्य अबू सूफयान से थे।




