राजस्थान की फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की रिपोर्ट के अनुसार जोधपुर जिले में संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वालीं साध्वी प्रेम बाईसा के विसरा में किसी ‘जहर’ के तत्व नहीं मिले।
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने जयपुर में संवाददाताओं को बताया कि एफएसएल ने इस मामले में अपनी रिपोर्ट दे दी है जिसे जोधपुर में शव का पोस्टमार्टम करने वाले मेडिकल बोर्ड के सामने रखा जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘एफएसएल ने अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है, जिसमें विसरा में जहर के तत्व नहीं मिले होने की बात कही गई है। हम साध्वी प्रेम बाईसा के शव का पोस्टमार्टम करने वाले मेडिकल बोर्ड के सामने यह रिपोर्ट पेश करेंगे।
मंत्री ने कहा कि बोर्ड के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है।
मंत्री ने कहा कि एफएसएल को साध्वी के शरीर में जहर या विषैली चीजों का कोई तत्व नहीं मिला, जिसके बाद साध्वी को जबरदस्ती जहर दिए जाने या अन्य अप्राकृतिक कारणों से उनकी मौत के संदेह खारिज होते दिख रहे हैं।
हालांकि अधिकारियों ने कहा कि उनकी मौत के वास्तविक कारण मेडिकल बोर्ड अपनी जांच के बाद ही बता पाएगा।
धर्म उपदेशक साध्वी प्रेम बाईसा (25) को 28 जनवरी को जोधपुर में सर्दी लगने के बाद अस्थमा और सांस लेने में गंभीर दिक्कत की शिकायत हुई थी। हालत बिगड़ने पर नर्स देवी सिंह से संपर्क किया गया और उसने आश्रम में ही साध्वी के टीके लगाए। हालत बिगड़ने पर साध्वी को एक अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
उनके पिता वीरम नाथ की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और 29 जनवरी को मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराया। विसरा के नमूने दो फरवरी को एफएसएल भेजे गए थे।




