रूस ने यूक्रेन पर रात भर भीषण हमला किया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने मंगलवार को कहा कि यह हमला ऊर्जा ठिकानों को निशाना नहीं बनाने के वादे का उल्लंघन है।
यह बमबारी ऐसे समय हुई है जब दोनों देश चार साल पहले शुरू हुए युद्ध को खत्म करने के लिए अगले दौर की बातचीत की तैयारी कर रहे हैं।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन पर हुए इस हमले में सैकड़ों ड्रोन और रिकॉर्ड 32 बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। इस हमले में कम से कम 10 लोग घायल हो गए। रूस ने विशेष रूप से पावर ग्रिड को निशाना बनाया है।
जेलेंस्की ने कहा, ‘‘रूस के लिए कूटनीति से ज्यादा महत्वपूर्ण है सर्दियों के सबसे ठंडे दिनों का फायदा उठाकर लोगों को आतंकित करना।
उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) महासचिव मार्क रूट ने एकजुटता दिखाने के लिए कीव का दौरा किया। उन्होंने कहा कि वार्ता की पूर्व संध्या पर हुए इन हमलों ने रूस के इरादों पर संदेह पैदा कर दिया है। उन्होंने इसे शांति प्रयासों की दिशा में एक ‘बेहद बुरा संकेत’ करार दिया।
अधिकारियों का कहना है कि रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडलों के बीच हाल की बातचीत सकारात्मक रही लेकिन एक साल की कोशिशों के बाद भी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को अब तक बड़े मुद्दों पर कोई ठोस सफलता नहीं मिली है। इनमें सबसे बड़ा सवाल यह है कि रूस की सेना के कब्जे वाली यूक्रेनी जमीन किसके पास रहेगी। इसलिए किसी व्यापक समझौते की संभावना अभी कम लगती है। यह वार्ता संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में बुधवार और बृहस्पतिवार को होनी है।
During my visit to Kyiv today I saw a civilian heating plant targeted by Russian missiles.
No military value whatsoever – attacks meant only to make people suffer.
But Ukraine stands strong. And NATO stands with you. pic.twitter.com/XWoX11xfEv
— Mark Rutte (@SecGenNATO) February 3, 2026




