अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. गौरव ग्रोवर ने मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 115 तथा उत्तर प्रदेश मोटर वाहन नियमावली 1998 के नियम 178 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।
दिनांक 05 फरवरी 2026 से अयोध्या धाम में रामपथ मार्ग पर टेढ़ी बाजार चौराहा से लता मंगेशकर चौक तक ई-रिक्शा का संचालन एवं पार्किंग पूर्णतया प्रतिबन्धित रहेगी।
इस आदेश के तहत अयोध्या धाम क्षेत्र में वायु प्रदूषण नियंत्रण, बेहतर यातायात व्यवस्था, जन सुरक्षा तथा आम नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रामपथ मार्ग पर ई-रिक्शा के आवागमन को सख्ती से विनियमित किया जा रहा है।
आदेश के अनुसार, दिनांक 05 फरवरी 2026 से रामपथ मार्ग पर टेढ़ी बाजार चौराहा से लता मंगेशकर चौक तक ई-रिक्शा का संचालन तथा पार्किंग पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगी। इस खंड में ई-रिक्शा न तो चल सकेंगे और न ही खड़े किए जा सकेंगे।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा है कि यह कदम राम नगरी में बढ़ते श्रद्धालुओं की संख्या, राम मंदिर परिसर के आसपास की भीड़ और यातायात की सुगमता को बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
ई-रिक्शा की अनियंत्रित संख्या से होने वाली जाम की समस्या, ध्वनि एवं वायु प्रदूषण तथा पैदल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया है। सभी संबंधित विभागों, ई-रिक्शा संचालकों, वाहन मालिकों तथा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस आदेश का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु रूप से चले और श्रद्धालुओं तथा स्थानीय निवासियों को बेहतर सुविधा एवं सुरक्षा मिल सके।
यह प्रतिबंध मुख्य रूप से रामपथ के उस व्यस्त हिस्से पर लागू होगा जो राम मंदिर से जुड़ा हुआ है और जहां रोजाना लाखों की संख्या में भक्त आते हैं। प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी विचार किया है, हालांकि आदेश में स्पष्ट रूप से केवल इस खंड पर रोक लगाई गई है।नागरिकों से अनुरोध है कि यातायात नियमों का पालन करें और अयोध्या की पवित्रता व व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग प्रदान करें।




