अयोध्या के सरयू तट पर सत्यनारायण व्रत की मूल कथा पर आधारित पुस्तक श्री सत्यनारायण योग व्रत कथा का लोकार्पण समारोह पूर्वक हुआ। इस अवसर पर भाजपा नेता और पूर्व सांसद विनय कटियार ने कहा कि अब तक लोग केवल इस व्रत की महिमा ही सुनते थे। यह लुप्त हो गया है। अब लोग मूल कथा को सुनकर उसका लाभ ले सकेंगे।
उन्होंने कहा कि परिस्थितियों के कारण अनेक धार्मिक ग्रंथ या तो लुप्त हो गए या उनके कुछ अंश गायब हो गए। किसी भी धार्मिक ग्रंथ का पूरा लाभ प्राप्त करने के लिए उसके मूल पुस्तक का पाठ होना बेहतर होता है। अब श्री सत्यनारायण योग व्रत कथा सामने आ गई है। यह हम सब के लिए गर्व और आनंद का पल है।इसका हम इंतजार कर रहे थे।
पुस्तक के संकलन कर्ता, संपादक आचार्य ज्ञानप्रकाश दुबे ने कहा कि यह हमारा छोटा प्रयास है। लोगों को सत्यनारायण भगवान की मूल कथा से वंचित होने की चिंता थी। इसका प्रकाशन स्कंद पुराण की प्राचीन पुस्तक के रेवा खंड पर आधारित है। जिसे हमारे पूर्वजों से सुरक्षित रखा था। पुस्तक को लोगों की मांग के बाद सामने लाया गया है।विश्वास है कि इससे भक्तों को भगवान की कृपा का लाभ मिल सकेगा।
इससे पहले आचार्य डाक्टर ज्ञानप्रकाश दुबे ने पूर्व सांसद विनय कटियार और आचार्यों का अंग वस्त्र देकर स्वागत किया। पुस्तक का लोकार्पण आचार्य विशाल की देखरेख में 11 वैदिकों ने वेद मंत्रोच्चार के बीच किया।
इस पहले इंजीनियर सिद्धांत दुबे ने अतिथियों का स्वागत किया। पूर्व सांसद विनय कटियार के पुत्र अनुज कटियार ने सरयू पूजन कर परिवार की सफलता की कामना की।




