एक महिला यात्री ने कहा, “लड्डू गोपाल की मूर्ति, लैपटॉप, 40 हजार के कपड़े-गहने… सब चला गया।यात्रियों ने बस स्टाफ पर नाराजगी जताई: ओवरलोडिंग और लापरवाही की वजह से ऐसा हुआ।
जल रही थी बस, मित्र ने हमें बचाया..
कानपुर रमा देवी चौराहे के पास स्लीपर बस जलकर राख, दो कांस्टेबलों ने जान पर खेल कर 43 को बचाया, यात्री बोले 2 मिनट देर करते तो कई लोग जिंदा जल जाते.. pic.twitter.com/ejBJgUHn2Y— Tushar Rai (@tusharcrai) November 28, 2025




