अयोध्या, राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में एक महत्वपूर्ण घटना घटी, जहां उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के प्रारंभिक काल के प्रमुख साक्षी और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की प्रबंध समिति के सदस्य, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ प्रचारक पुरूषोत्तम नारायण सिंह के स्वास्थ्य की जानकारी ली।
दोपहर करीब 12:30 बजे के आसपास, दोनों उपमुख्यमंत्री राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यह मेडिकल कॉलेज अयोध्या के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में से एक है, जो हाल के वर्षों में कई उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं के लिए जाना जाता है।पुरूषोत्तम नारायण सिंह, जो श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के शुरुआती दौर (1980-90 के दशक) से सक्रिय रहे हैं, हाल ही में स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती हुए हैं। वे विहिप की प्रबंध समिति के लंबे समय से सदस्य हैं और आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक के रूप में अयोध्या आंदोलन की नींव रखने वाले प्रमुख चेहरों में शुमार हैं। उनका स्वास्थ्य सुधार प्रक्रिया में है, लेकिन चिंताजनक स्थिति बनी हुई है।
उपमुख्यमंत्रियों ने सबसे पहले कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा से विस्तृत बातचीत की। उन्होंने सिंह के उपचार की प्रगति, दवाओं, जांच रिपोर्टों और आगे की योजना के बारे में जानकारी ली। डॉ. वर्मा ने बताया कि सिंह की स्थिति स्थिर है, लेकिन पूर्ण स्वस्थता के लिए निरंतर निगरानी जरूरी है।
इस दौरान विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने पूरे दौरे का समन्वय किया और मीडिया को जानकारी दी। शर्मा ने बताया कि यह मुलाकात संगठन और सरकार के बीच मजबूत रिश्ते का प्रतीक है।